
गरीब गुरूबो की आवाज बना सर्व कामगार सेवा संघ,बी डी ए ने थामे बुलडोजर के पहिये…
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जिला कलक्टर को कहके बी डी ए की चकगर्बी कॉलोनियों पर चल रही कार्रवाई रुकवाई
16 जून बीकानेर। पिछले 8-9 महीने से पूगल रोड स्थित चकगर्बी की जमीन पर बसी कॉलोनियों को को मूलभूत सुविधाओं का हक दिलाने के लिए सर्व कामगार सेवा संघ, राजस्थान (लेबर ट्रेड यूनीयन)प्रयासरत है। बी डी ए ने आनन फानन में चकगर्बी कॉलोनियों को अवैध घोषित कर वहां बुलडोजर चलवाकर बस्तियां ध्वसत करने योजना बनाकर अपने स्वामित्व के बॉर्ड लगा दिये। जिससे गरीब लोग सकते में आ गये अपना आशियाना उजडते देखकर लोगों के चहरे पर उदासी छा गई।
संघ के आह्वान पर शनिवार देर रात चकगर्बी स्थिति तुलीस विहार कॉलोनी में विशालकाय बैठक का आयोजन रखा गया जिसमें हजारों की संख्या में चकगर्बी निवासी पहुंचे जन सैलाब को सम्बोधित करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने गरजते हुआ कहा कि बिना किसी पूर्व नोटिस के बी डी ए ने चकगर्बी कॉलोनियों को अवैध घोषित करने का दुस्साहस कैसे किया क्या उन्होंने संविधान प्रदत आर्टिकल 21 नहीं पढा है जो इन्हें मौलिक अधिकार प्रदान करता है, प्रशासन इनसे आशियाने का हक छीनना चाहता है जोकि न्याय उचित नहीं है।
पुरोहित ने आह्वान किया कि सोमवार को सुबह भारी संख्या में बी डी ए का घेराव किया जायेगा।
पुरोहित की हुंकार के आगे प्रशासन और जन प्रतिनिधियों ने घुटने टेक दिये और रविवार को ही संघ के शिष्ट मंडल को बी डी ए कार्यालय का बुलवा भेजा गया कि बैठकर के वार्ता की जाये।
बैठक बी डी ए सचिव व संघ के प्रदेशाध्यक्ष भंवर पुरोहित के नेतृत्व में शिष्टमंडल की वार्ता हुई।
वार्ता में बी डी ए को बुलडोजर के पहिये तुंरत प्रभाव से रोकेने और संघ की पांच सुत्री मांगो को मानते हुए इन्हें तरहीज दी जाये।
1 नगर नियोजन बीकानेर द्वारा प्रस्तावित मास्टर प्लान(2043) आपके स्तर पर गुगल मैप / अन्य ऐजेन्सी से सर्वे कराकर इसकी निष्पक्ष जाँच करावे।
2 लगभग 20 वर्षों से जो नागरिक इन कॉलोनियों में रह रहे है, उनके लिए मूलभूत सुविधाओं (बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा) का भी निराकरण करने मार्ग प्रस्सत करे।
3 राज्य सरकार (नगरीय विकाश विभाग) का स्पष्ट निर्देश है जहाँ लोग बस चुके है, उस क्षेत्र को आर जॉन
माना जाए ।
4 इस दौरान जो भी कॉलोनाइजर(भूमि बेचने वालाो)/ पटवारी / गिरदावर सहित इस राजस्व एजेन्सीयों की निष्पक्ष जँच की जाए और दोषी व्यकि्तियों पर कानून सम्मत कार्यवाही की जाए। 5 चकबर्गी की समस्त भूमि को सरकारी भूमि मान कर वहाँ बसे हुए नागरिको को कानून सम्मत् पट्टे मालिकाना हक दिलाया जाए ।
संघ ने सुझाव रखा विभाग उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करके इसकी जांच करवाये।
संघ ने कहा कि प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता है तो चकगर्बी निवासी आंदोलन की आग में कभी भी कुद सकते है जिसकी पूर्णतया जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की होगी।
इस मौके पर संघ के महामंत्री आर एस हर्ष,लक्ष्मण कुमावत,देव किसन साध, जगदीश शर्मा, गौरीशंकर स्वामी, त्रिलोक भाखर, राजेन्द्र सैन,विनोद सहित संघ के लोग उपस्थित रहे।













