




बीकानेर- पवनपुरी सेक्टर नंबर तीन के राम मंदिर पार्क में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की सप्तम दिवस पर कृष्ण-रुक्मणी विवाह एवं सुदामा चरित्र का कथा वाचक मदन मुरारी सारस्वत में संगीतमय कृष्ण सुदामा चरित्र का अत्यंत ही भावुक वर्णन किया।
नरेश शर्मा ने बताया कृष्ण की भूमिका राजनंदनी सोनी रुक्मणी की भूमिका हर्षिता सोनी सुदामा की भूमिका राजकुमार भाटिया ने निभाई।
कथावाचक ने बताया कृष्ण ने गरीब अमीरी की मित्रता की निशान आमजन के लिए प्रेरणादाई है मित्रता करो तो कृष्ण सुदामा की तरह निःस्वार्थ भाव से की गई मित्रता ही सच्ची मित्रता है सच्चा मित्र वही होता है जो बिना बताए मित्र की परेशानी को समझे।
भगवान के सम्मुख और उनके शरणागत होने को ही भागवत कथा है भागवत कथा श्री कल्याणकारी और कोई साधन नहीं है इसलिए व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा को आवश्यक महत्व देना चाहिए महाराज ने कहा की भागवत कथा से बड़ा कोई सत्य नहीं है भागवत कथा अमृत है इसके श्रवण करने से मनुष्य अमर हो जाता है इस अवसर पर सुदामा बनी राज कुमार ने कहा जीव जगत के जाल में जीना जन का विचित्र, सबका स्नेह मिलता रहे में कृष्ण सुदामा मित्र।
कथा में मोहल्ले वासियों द्वारा कपड़े श्रृंगार का सामान मिठाइयां इत्यादि दी गई। सरोज सोनी, नरेश शर्मा, प्रेम शर्मा ,अर्चना शर्मा, नंदलाल सोनी, राम किशन स्वामी, किरन सिंह विशाल घई, पुनीता, सर्वमित्र, वंदना, पिंकी, पायल सोनी, संतोष, दुर्गेश किंगर , उमंगिका किंगर , जगदीश जी, के एल चावला, कोषलेश गोस्वामी,सुरेश गहलोत एवं बच्चों सहित पूर्ण सहयोग दिया गया













