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परिवार से बिसराए एकाकी जिंदगी गुजार रहे बुजुर्गों के चेहरे की मुस्कान बने – नाती पोती उम्र के बच्चे….
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मित्रता दिवस… संस्थान के बच्चों ने बुजुर्गों से की दोस्ती, मित्रता का धागा बांधा|

बच्चों की बुजुर्गों से मित्रता उनका सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती- डॉ. अर्पिता गुप्ता|

बीकानेर|आर. एल. जी. संस्थान द्वारा संचालित चैरिटेबल विद्यालय के बच्चों ने मित्रता दिवस के उपलक्ष में वृंदावन एंक्लेव स्थित मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह मे कार्यक्रम आयोजित किया|

परिवार से बिसराए एकाकी जिंदगी गुजार रहे इन बुजुर्गों को जब बच्चियों ने तिलक लगाकर मित्रता का धागा बांधा और पैर छूए तो वे काफी खुश और भावुक हुए। उन्हें उनके नाती-पोते याद आ गए। बुजुर्गों ने बच्चों के सिर पर हाथ फेरा और खुश रहने का आशीर्वाद देते हुए कहा कि आते-जाते रहा करो, रौनक हो जाती|
संस्थान अध्यक्ष डॉ. अर्पिता गुप्ता ने कहा कि बुजुर्गों से दोस्ती के बहुत बड़े मायने हैं। उनसे दोस्ती कर जिंदगी के अनुभव हासिल किए जा सकते हैं, जो हमारे जीवन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जनरेशन गेप भी खत्म होता है। बुजुर्गों को भी एकाकीपन नहीं खलता।बच्चों और बुजुर्गों के बीच दोस्ती बच्चों के लिए कई तरह से ज़रूरी जैसे कि सामाजिक कौशल का विकास, आत्म-सम्मान में वृद्धि और भावनात्मक समर्थन|
सचिव स्नेहा शर्मा ने कहा बच्चों और बुजुर्गों के बीच दोस्ती एक अनमोल रिश्ता हो सकता है जो दोनों के जीवन को खुशहाल और सार्थक बना सकता है।
इस अवसर पर बुजुर्गों ने बच्चों को कहानी सुनाई, बच्चों ने कविताएं चुटकुले सुनाए, सबने मिलकर गीत गाए|

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दिलीप गुप्ता

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