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हिमांशु कोठारी ने की अठाई की तपस्या, तप अभिनंदन के कार्यक्रम में महिला मण्डल ने दी रोचक प्रस्तुति
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हिमांशु कोठारी ने की अठाई की तपस्या, तप अभिनंदन के कार्यक्रम में महिला मण्डल ने दी रोचक प्रस्तुति


बीकानेर। बीकानेर में तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री मंजू प्रभा जी एवं साध्वी कुंथु श्री जी का पावन सानिध्य लोगों में आध्यात्मिकता की प्रेरणा जागृत कर रहा है । चातुर्मासिक काल में तप की रिमझिम वर्षा चल रही है उसी के अंतर्गत किशोर हिमांशु कोठारी ने अठाई की तपस्या कर लाभ कमाया है उसके तप के अभिनंदन का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया साध्वी मंजू प्रभा जी ने फरमाया हिमांशु ने छोटी वय में अठाई की तपस्या करके खूब हिम्मत दिखाई है तपस्या आत्म शुद्धि का मार्ग है परिषद को तपस्या के क्षेत्र में चरणों को गतिमान बनाने की प्रेरणा फरमाते हुए मधुर गीत का संगम किया साध्वी कुंथु श्री जी ने फरमाया धम्मो मंगलं मुक्किटं अहिंसा संजमो तवो जैन आगम में तप को मंगल बताया गया है जो आठ कर्मों को तपता है वह तप है कर्म शरीर को क्रश करता है भीतर ऊर्जा पैदा करता है जो हमारे सिर की ओर प्रवाहित होती है मस्तिष्क की क्षमता बढ़ती है शारीरिक क्षमता के साथ आत्म बल मनोबल भी आवश्यक है जो लंबी तपस्या करते हैं वह सर्वप्रथम प्रश्न इंद्रिय पर विजय प्राप्त करते हैं तपस्या सभी इंद्रियों की शुद्धि करती है हल्का भोजन करना, उनोदरी करना भी तपस्या है तपस्या के लाभ को बताते हुए फरमाया व्यक्ति बेल से पांच उपवास कितना लाभ प्राप्त करता है इसकी श्रृंखलाबहदता मे तेले से 25 उपवास चोले से 125 उपवास पंचोले से 625 उपवास छट से 3125 उपवास 7 से 15625 उपवास अठाई तप करने से 78125 उपवास का लाभ कमाया जा सकता है ऐसे फलदाई तप की आराधना से आत्मा निर्मल बन जाती है हिमांशु ने अठाई कर कोठारी कु ल का गौरव बढ़ाया है इस तप की साध्वी श्री जी ने अनुमोदन की। तप अभिनंदन के कार्यक्रम में शांता भूरा मंत्री रेणु बोथरा आदि महिला मंडल ने रोचक प्रस्तुति दी । कोठारी पारिकर में मधुर गीत का सामूहिक संघान किया। मोक्ष, ऋषिता और मौलिक नन्हे नन्हे बच्चों ने लघु संवाद के द्वारा अपनी भावना रखी l तपस्वी भाई की दादी लीलाबाई कोठारी ने अपने उदगार व्यक्त किए । श्रीमान सुंदरलाल जी झाबक ने विचारों की अभिव्यक्ति दी । साध्वी वृंद ने सामूहिक गीत तपस्या है जीवन का मीत मंजिल मिल जाए रे को स्वर दिया l कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी आलोक प्रभा जी ने किया ।

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Prakash Samsukha

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