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जो सहस्त्रधारा से शिव का पूजन करता है, उसे सहस्र गुना पुण्य प्राप्त होते है, इसमें संदेह नहीं।
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“सहस्त्रधारया यस्तु शिवार्चनं करोति च।
सहस्रगुणितं पुण्यं लभते नात्र संशयः॥”
अर्थ: जो सहस्त्रधारा से शिव का पूजन करता है, उसे सहस्र गुना पुण्य प्राप्त होते है, इसमें संदेह नहीं।
शिवपुराण में कहा गया है कि निरंतर हजारों जलधाराओं से शिवलिंग (महादेव) का अभिषेक करने से अशुद्ध मन और वातावरण शुद्ध होता है, समस्त प्रकार के पाप नष्ट होते हैं सहस्त्र गुना पुण्य फल और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव भक्ति से समस्त रोगों से छुटकारा और अकाल मृत्यु से रक्षा मिलती है। सकल मनोरथ प्राप्त होते है।  इसी भक्ति भावना और उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु मोहता चौक के शिव भक्तों द्वारा मरुनायक चौक स्थिति नाटेश्वर महादेव मंदिर ( विश्व का एकमात्र शिवलिंग जंहा माता पार्वती की मूर्ति शिवलिंग के आगे स्थापित है ) में 17 अगस्त 2025 रविवार को प्रातः काल से लेकर सांय तक भगवान भोलेनाथ की आराधना, पूजा, रुद्री पाठ, हवन, यज्ञ, पन्चामृत अभिषेक, सहस्त्रधारा अभिषेक, श्रंगार और आरती और सामुहिक प्रसाद का भक्तिमयी कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम से जुड़े गिरधर जोशी ने बताया कि 👇
इस धार्मिक कार्यक्रम में बीकानेर  के सुप्रसिद्ध पंडित जुगल किशोर जी ओझा (पुजारी बाबा) और संत सरजुदास जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर धार्मिक आशीर्वचन देंगे।
👇रुद्राभिषेक👇
सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक में सैंकड़ो औषधीय जड़ी-बूटियों और विभिन्न इत्र मिश्रित जल की निरंतर हजारों धाराओं को शिवलिंग पर चढ़ाया जायेगा। जिससे वातावरण पवित्र और स्वास्थ्यवर्धक होता है। भौतिक रूप से यह मन को एकाग्र और शांत करता है। आध्यात्मिक रूप से यह अहंकार का क्षय, पापों का शमन और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव जागृत करता है।
विशेष 👉 सांय काल आरती के बाद सामूहिक प्रसाद ग्रहण का कार्यक्रम भी रखा गया है ।

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Gordhan Soni

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