
बीकानेर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व जन्माष्टमी आज पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जा रहा है।
भगवान श्री कृष्ण के प्रकाट्योत्सव पर मनाया जाने वाला यह पर्व बीकानेर में घरों और मंदिरों में ही नहीं अपितु विभिन्न मोहल्लों और चौक में भगवान के जन्म से लेकर कंश के वध तक सजीव झांकियों के साथ, विभित्र लिलाओं के साथ मनाया जा रहा है।
कान्हा जी का पंचामृत से किया अभिषेक घरों में भगवान श्री कृष्ण के कान्हा रूप का पंचामृत से अभिषेक किया गया। श्रीकृष्ण लीलाओं की झांकी सजाई गई। रंगीन गुब्बारे और रंग-बिरंगी रोशनी से घर आंगन सजाने के साथ भगवान की प्रतिमाएं लगाई गई।
बीकानेर शहर के सभी मंदिर हर गली और हर घर में बच्चों की मेहनत द्वारा सजाई सजीव झांकियां देखने को मिल रही है! रांगड़ी चौक, मरुनायक चौक, छोटा गोपाल चौक सहित तुलसी सर्किल स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, मोहता चौक हर जगह जन्माष्टमी की धूम है। महिलाएं कान्हा जी के वस्त्र, माखन हांडी, झूले, सजावट के सामान, गहने आदि की खरीदारी करते हुए दिखाई दी। विशेष बात यह कि इस बार हर वर्ष से ज्यादा भगवान के आभूषण और वस्त्रों की दुकानें सजी रही।
जहां लोग अपनी पसंद के आइटम खरीदारी करते दिखाई दिए। बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण और राधा का रूप धरा, जिन्हें देख लोग सेल्फी और फोटो लेते हुए दिखाई दिए।













