

बीकानेर–दिल्ली के बीच वंदे भारत ट्रेन स्वीकृति के साथ रेलवे को लेकर बीकानेर में बहुत तेजी से विकास हुआ है।
मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई अगले महीने बीकानेर आ रहे है।
बीकानेर संसद मानसून सत्र में जो बिल पास हुए ओर जो बिल पेश हुए ओर रेलवे के क्षेत्र में बीकानेर को लगातार मिल रही सौगातों को लेकर आज केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर संबोधित किया अर्जुनराम मेघवाल ने कहा संसद मानसून सत्र में जो बिल पास हुए ओर जो बिल पेश हुए है वो हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है एक बिल इंकमटैक्स एक्ट 1961 की लंबे समय से सुधार की मांग हो रही थी इसमें सरलीकरण किया जाए इस मानसून सत्र में ये बिल पास किया गया है। ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन व विनियमन विधेयक 2025 अब कानून बन गया है सरकार का मकसद इस कानून के जरिए ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है ऑन लाइन सट्टा गेम चलाने वालों को 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है ऐसे विज्ञापन देने वालों को 2 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया इस संशोधन के माध्यम से सरकार ने ये मंशा प्रकट की इस बिल में कोई भी जनप्रतिनिधि चाहे वो प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और मंत्री हो ऐसे अपराध में लिप्त हो जिसमें सजा पांच साल या उससे अधिक हो 30 दिन जेल में रहने पर जमानत रद्द होने पर जेल से सरकार चला नहीं सकता इसलिए पद से हटाने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया। प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी की पलाना में सभा हुई अमृत भारत के तहत देशनोक रेलवे स्टेशन का लोकार्पण हुआ रेलवे को लेकर बीकानेर में बहुत तेजी से विकास हुआ है जिसमें खाजूवाला से जैसलमेर वाया दंतौर नई रेल लाइन से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग, सेना, बीएसएफ को फायदा होगा। बीकानेर– दिल्ली के बीच वंदे भारत ट्रेन स्वीकृति से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया बीकानेर वासियों की तरफ से आई है इससे हर वर्ग को फायदा मिलेगा इसके लिए अर्जुनराम मेघवाल ने प्रधानमंत्री व रेल मंत्री का आभार जताया बीकानेर–लालगढ़ के बीच रेलवे लाइन दोहरीकरण 278 करोड़ की लागत से हुआ रेलवे की तीन वाशिंग लाइन लालगढ़ को मिली है इससे हमारे को ओर ट्रेन भी मिलेगी। मेघवाल ने बताया भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई अगले महीने बीकानेर आ रहे है। आज की प्रेस वार्ता में सत्यप्रकाश आचार्य, अशोक प्रजापत, मोहन सुराणा, गुमान सिंह राजपुरोहित, महावीर चारण, मनीष सोनी, पंकज अग्रवाल उपस्थित रहे।













