
धर्मनगरी बीकानेर (राजस्थान) के गौरव, कर्मकांड भास्कर पंडित श्री नथमल पुरोहित जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। आपने बिना किसी शुल्क अथवा दक्षिणा के, सैकड़ों शिष्यों को सनातन वैदिक कर्मकांडों में निपुण बनाकर उन्हें स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाया। आपका यह पवित्र संकल्प केवल शिष्यों का ही नहीं, अपितु पूरे समाज का उत्थान करने वाला है।
लगभग 70 वर्षों से निरंतर निःशुल्क सेवा करते हुए, आपने वेद-मंत्रों की ध्वनि से जीवन को आलोकित किया है। चाहे रुद्राभिषेक, शतचण्डी, लक्षचण्डी, गायत्री अनुष्ठान, पितृ तर्पण या अन्य कोई वैदिक अनुष्ठान हो, आपने हर क्षेत्र में सनातन धर्मावलंबियों को धर्ममार्ग पर चलने हेतु प्रेरित किया।
ऋषिकेश, गंगा तट पर आपका निःस्वार्थ भाव से प्रतिदिन कर्मकांड संपादन करना और दुर्गासप्तशती का अखंड पाठ करना, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में आपके अद्वितीय योगदान को दर्शाता है।
ऐसे संतस्वरूप, तपस्वी, कर्मयोगी, निस्वार्थ आचार्य श्री नथमल पुरोहित जी का जीवन वंदनीय और अनुकरणीय है। उनके तप और सेवा से सनातन धर्म का आलोक निरंतर प्रसारित हो रहा है।
🙏 वंदन, नमन और कोटिशः प्रणाम 🙏













