टीबी मुक्त राजस्थान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केन्द्र सरकार ने प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 29 अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें देने की मंजूरी दी है। इनसे जयपुर, अजमेर, अलवर और भरतपुर समेत अन्य जिलों में मिनटों में फेफड़ों की स्क्रीनिंग की जा सकेगी। इससे संभावित टीबी के मरीजों का तुरंत पता चल जाएगा और प्रारंभिक जांच के आधार पर इलाज आसान होगा।
केंद्रीय टीबी अनुभाग की हरी झंडी मिलने के बाद सोमवार से ही कुछ जिलों में मशीनें भेजी जाने लगी हैं। साल के अंत तक सभी 29 मशीनें पूरे प्रदेश में तैनात हो जाएंगी। यह मशीनें हाथ में पकड़ी जाने वाली अल्ट्रा पोर्टेबल तकनीक से लैस हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाकर स्क्रीनिंग की जा सकती है। मौजूदा समय में प्रदेश में कुल 630 नाट मशीनें संचालित हैं।

विशेषज्ञ डॉ. विनोद जोशी और डॉ. एम.के. गुप्ता का कहना है कि अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन संभावित टीबी का पता मिनटों में लगा सकती है, लेकिन कन्फर्म करने के लिए स्पूतम सैंपल लेकर सीबी-नाट या ट्रू-नाट मशीन से जांच आवश्यक है। इसके अलावा, फेफड़ों से संबंधित अन्य दिक्कतों का भी तुरंत पता चल सकता है।
जेके लोन में अब बायोकेमिस्ट्री (शुगर, यूरिया, सीरम क्रिएटिनीन, इलेक्ट्रोलाइट, एसजीओटी, एसजीपीटी, एबीजी), पैथोलॉजी (कंप्लीट ब्लड काउंट) और माइक्रोबायोलॉजी (आईजीएम, आईजीजी, एचबीएसएजी, डेंगू एसएन-1) की जांच रात में भी अस्पताल में ही की जा सकेगी।















