
बीकानेर, 17 नवंबर 2025 – बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज (ईसीबी) में आज नई किरण नशा मुक्ति एवं कल्याण केंद्र, ईसीबी और इसके एनसीसी कैडेट्स के सहयोग से एक प्रभावशाली नशा मुक्ति कार्यशाला और शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशे की लत के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना और तंबाकू मुक्त परिसर को बढ़ावा देना था, जिसमें ईसीबी के सभी कर्मचारी और छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती पूजन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया। मंच पर ईसीबी के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश जाखड़ उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल को अपना समर्थन दिया।
डॉ. ओम प्रकाश जाखड़ ने नशा मुक्त परिसर के महत्व और शैक्षणिक संस्थानों की नशा मुक्त समाज बनाने में भूमिका पर एक प्रेरणादायक भाषण दिया। एनएमबीए के नोडल अधिकारी और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अंकुर गोस्वामी ने नई किरण नशा मुक्ति एवं कल्याण केंद्र का परिचय दिया, जिसमें नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) और तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFIE) पहल के तहत केंद्र की गतिविधियों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशेषज्ञ डॉ. हरमीत सिंह का व्याख्यान रहा, जिन्होंने नशे लत नहीं बल्कि इसे रोग बतलाया एवं उसके कारणों, प्रभावों और इससे उबरने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। एक DOA प्रक्रिया के बारे में जिक्र किया जिसके द्वारा कोई भी अपने आपको जांच परख सकता है। एवं परख एवं पहचान ही नशामुक्ति की दिशा में पहला कदम है ।उनके सत्र के बाद एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ के साथ सक्रिय रूप से चर्चा की और नशा मुक्ति के लिए मार्गदर्शन मांगा।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण तंबाकू निषेध शपथ था, जिसका नेतृत्व डॉ. अंकुर गोस्वामी ने किया। इस दौरान छात्रों और कर्मचारियों ने तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की शपथ ली। ईसीबी के एनसीसी कैडेट्स ने नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाला एक छोटा नाटक प्रस्तुत किया, जिसके बाद एक इंटरैक्टिव क्विज आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों के नशा जागरूकता ज्ञान का परीक्षण हुआ।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अंकुर गोस्वामी के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम ईसीबी समुदाय की नशे की लत के खिलाफ लड़ाई और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसने प्रतिभागियों को जागरूकता फैलाने और पुनर्वास पहल का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सक्रिय भागीदारी डॉ राहुल राज चौधरी, डॉ अजय चौधरी, डॉ ऋतुराज सोनी, डॉ विकास शर्मा, डॉ महेंद्र व्यास, श्री मनोज छींपा, डॉ प्रीति नरूका, डॉ गरिमा प्रजापत, डॉ रेखा , श्रीमती ज्योति भाटी, डॉ गया प्रसाद सिनसिनवार एवं ईसीबी स्टाफ एवं NCC कैडेट्स निभाई ।















