

राजस्थान में पशु चिकित्सक भर्ती 2025 को लेकर 2020 बैच के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधि मंडल सक्रिय नजर आया। अभाविप अध्यक्ष राजुवास बीकानेर डॉ. जितेंद्र सिंह बीका और डॉ. युद्धवीर सिंह बुडानिया के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात की। इसके बाद भाजपा प्रदेश मुख्यालय में कृषि मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा मंत्री ओटाराम देवासी और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी से भी वार्ता हुई।
छात्र प्रतिनिधि डॉ.बुडानिया ने बताया कि हमनें 2020 में NEET / RPVT के माध्यम से BVSc & AH में प्रवेश लिया था, जबकि उसी बैच के अन्य विद्यार्थी VCI के जरिए राज्य के बाहर की यूनिवर्सिटीज़ में दाखिल हुए। RPSC ने संभावित परीक्षा दिनांक 19 अप्रैल 2026 घोषित की है, जिसमें शर्त रखी गई है कि परीक्षा से पहले इंटर्नशिप पूर्ण होनी चाहिए। VCI वाले छात्रों की इंटर्नशिप समय पर समाप्त हो रही है, जबकि राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय छात्रों की इंटर्नशिप परीक्षा के लगभग दो महीने बाद पूरी होगी। ज्ञातव्य है कि इस विषय पर विश्वविद्यालय के छात्रों ने बहुत बार तत्कालीन कुलपति एवं प्रति कुलपति को अवगत कराया की परंतु उनके नकारात्मक रवैया एवं लच्चर व्यवस्था के कारण आज 2020 बैच राजस्थान की सरकार द्वारा आयोजित भर्ती में राजस्थान का स्थानीय होकर भी वंचित होने जा रहा है ।
इस भेदभाव को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रियों से अनुरोध किया कि इंटर्नशिप कम्प्लीशन सर्टिफिकेट दस्तावेज़ सत्यापन के समय स्वीकार किया जाए। सभी मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि राजस्थान की एकमात्र पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।तथा
साथ ही प्रतिनिधि मंडल पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ.समित शर्मा जी को भी इस मामले के बारे में अवगत करवाया तो माननीय सचिव महोदय ने आशवासन दिया कि आपके साथ सकारात्मक निर्णय करेगें और विश्वविद्यालय पर भी इस लेटलतीफी वाले मामले में कारवाई करेगें
यह मुद्दा अब राज्य में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है, और छात्र समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।




























