
नोखा 1 मार्च। अणुव्रत की शुरूआत स्वयं से करें,निज पर शासन फिर अनुशासन,इस विषय पर आज अणुव्रत के 78 में स्थापना दिवस के अवसर पर शासन गौरव साध्वी राजीमति ने व्याख्यान दिया। साध्वी श्री ने अणुव्रत के सिद्धांत पर तार्किक विचार रखते हुए अणुव्रत के नियमों से व्यक्तित्व का निखार होता है इस बात पर बल दिया। स्वच्छ पर्यावरण एवं आत्म मंथन कर आत्मा की शुद्धि की योग विधि पर चर्चा की । अणुव्रत के छोटे-छोटे नियम अपना कर छात्र एवं युवा वर्ग को आगे बढ़ना चाहिए।स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ भवन महावीर चौक में ध्वजारोहण के साथ हुई अणुव्रत समिति के मंत्री गजेंद्र पारख ने अणुव्रत के 11 नियमों का वाचन कर संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उपाध्यक्ष इंद्र चंद वैद ‘ कविराज ‘ ने समाज में सुधार मैं अणुव्रत की आवश्यकता पर विचार रखें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंदरचंद मोदी ने वर्तमान युग में परिवार समाज एवं देश हित के लिए अणुव्रत की महत्व पर प्रकाश डाला। महावीर नाहटा, सुरेश बोथरा, दिव्या दफ्तरी, मोनिका , पुलकित ललवानी हंसराज भूरा , तोलाराम घीया, हरिकिशन शर्मा रूपचंद मालू, अरूण भूरा सहित बड़ी संख्या में सदस्यों उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जीवन विज्ञान प्रभारी भावना मरोठी ने किया।






























