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राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले — सनातन संस्कृति हमारी पहचान की आधारशिला


साध्वी ऋतंभरा का आह्वान: ‘संस्कार ही राष्ट्र निर्माण की नींव’

नरसी कुलरिया के नेतृत्व में हुआ भव्य आयोजन

मूलवास सीलवा की विराट हिंदू धर्म सभा ने रचा इतिहास

बीकानेर जिले के मूलवास-सीलवा गांव में आयोजित विराट हिंदू धर्म सभा आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बन गई।नरसी विला परिसर को केसरिया ध्वजों, तोरणद्वार, रोशनी और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया। ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने अतिथियों का स्वागत किया। महिलाओं के मंगलगीत और युवाओं के उद्घोष से वातावरण पूर्णतः धर्ममय हो गया।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म विश्व की प्राचीनतम और समृद्ध परंपरा है। यह केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है, जो करुणा, सेवा और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने देश के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए तक्षशिला और नालंदा जैसी प्राचीन शिक्षण परंपराओं को याद किया और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया।

साध्वी ऋतंभरा ने भरा जोश

सभा को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा, “राष्ट्र निर्माण का आधार संस्कार हैं। जब परिवारों में धर्म, मर्यादा और चरित्र का पालन होगा, तभी समाज और देश सशक्त बनेगा।”

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमें एकता, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती है। “हमें अपनी जड़ों को पहचानना होगा और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति का गौरव समझाना होगा,” उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा। उनके संबोधन के दौरान श्रद्धालु जयघोष करते रहे और पूरा पंडाल ऊर्जा से भर गया।

सभा में सीथल पीठाधीश्वर क्षमाराम महाराज, श्रीबालाजी धाम के बजरंग दास, हनुमानगढ़ी के राजू दास महाराज, कुशाल गिरि महाराज, प्रताप पुरी महाराज, सरजूदास महाराज, स्वामी विमर्शानंद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम सहित संत समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नरसी कुलरिया ने जताया आभार और संकल्प

कार्यक्रम की शुरुआत नरसी कुलरिया के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा, “यह आयोजन केवल एक सभा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का आंदोलन है। हमें अपने गांवों को संस्कार और सेवा की भूमि बनाना होगा।”उन्होंने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, भंवर कुलरिया, पूनम कुलरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मां भारती प्रतिरूप और धर्मध्वजा की स्थापना
कार्यक्रम के दौरान हरिभाऊ बागडे ने साध्वी ऋतंभरा के सान्निध्य में नरसी विला के मुख्य द्वार पर मां भारती प्रतिरूप और धर्मध्वजा की स्थापना का लोकार्पण किया। नरसी कुलरिया ने बताया कि यह स्थापना गौसेवी संत श्री दुलाराम कुलरिया की धर्मपत्नी श्रीमती रामप्यारी देवी की प्रेरणा से की गई है।

इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर, जगदीश कुलरिया, जनक कुलरिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

दिनभर चले इस आयोजन में भक्ति, अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। देर शाम तक भजन-कीर्तन और धार्मिक चर्चा का दौर चलता रहा और पूरा मूलवास-सीलवा गांव आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दी।

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Gordhan Soni

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