

पहले दिन श्रोताओं ने हंसी से ठहाके लगाए, गीतों के साथ झूमें तथा सकारात्मक
सोच का लिए संकल्प
बीकानेर, 15 दिसम्बर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र सार्दुल गंज के तत्वावधान में सोमवार से तीन दिवसीय ’’ मेडिटेशन फॉर पॉवरफुल माईंड एवं हैप्पी लाइफ ’’ध्यान से पावरफुल दिमाग व खुशी की जिन्दगी) शुरू हुआ। रविन्द्र रंगमंच पर कार्यक्रम 17 दिसम्बर तक शाम छह से सात बजे तक चलेगा। श्रोताओं की संख्या को देखते हुए मंगलवार को अतिरिक्त कुर्सियां लगाई जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार बाहर एल.ई.डी. लगाई जाएगी।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र प्रभारी बी.के.कमल ने बताया कि पहले दिन ही अन्तरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता, लाइफ कोच एवं मोटीवेशनल स्पीकर डॉ.बी.के.शक्ति राज भाई ने खचाखच भरे रविन्द्र रंगमंच मे दर्शकों को जोड़ते हुए, उनको अनेक बार हंसाते हुए, खुशनुमा वातावरण को बनाए हुए मन व तन को स्वस्थ रखने अनेक टिप्स दिए। श्रोताओं ने खुशी व आनंद के साथ सकारात्मक सोच को रखने, नकारात्मक सोच व विचारों को दूर करने तथा अपने आत्म व परमात्म स्वरूप को जानने, सदा खुश रहने का संकल्प दिलाया।
देश-विदेश के हजारों लोगों को मन मस्तिष्क को पावरफुल बनाते हुए सकारात्मक सोच को बढ़ाने सदा खुश रहते हुए नकारात्मक शारीरिक मानसिक उर्जा को दूर करने के लिए प्रेरित करने पाले माउंट आबू से आए इंजीनियर डॉ. शक्ति राज भाई ने कहा कि शारीरिक, मानसिक व आर्थिक परेशानियों व कठिनाईयों का एक कारण मन होता है। नकारात्मक सोच व विचारों, काम, क्रोध,लोभ, मोह व ईर्ष्या की भावनाओं का असर मन से शरीर पर होता है तथा व्यक्ति अनेक तरह की शारीरिक व मानसिक बीमारियों से घिर जाता है। सकारात्मक सोच तथा वर्तमान में परमात्मा से प्राप्त को पर्याप्त समझने तथा खुश रहने वाले का ही तन व मन स्वस्थ रहता है। वह स्वयं भी सकारात्मक उर्जा प्राप्त कर दूसरों की नकारात्मक उर्जा को दूर करते हुए उनमें सकारात्मक व खुशी की भावना भरता है।
डॉ.शक्ति राज भाई ने दर्शकों को मंच पर बुलाकर, हाथों की अनेक मुद्राओं, वीडियो क्लिप, फिल्मी गीतों के मुखड़ों के साथ नृत्य करवाते हुए सकारात्मक उर्जा तथा खुशी का प्रायोगिक अभ्यास करवाया। कार्यक्रम में आए सभी लोगों ने कार्यक्रम को यादगार बताया तथा अपने साथ अगले दो दिनों तक अपने परिजनों का लाने का संकल्प लिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को राजयोग का अभ्यास करवाया । उन्होंने कहा कि राजयोग का मतलब है मन व बुद्धि से सकारात्मक सोच के साथ परमात्मा को याद करना, पवित्र आत्मशक्ति को जागृत करना है।













