डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर कॉरपोरेशन से लिंक हुआ आसान, गुड्स परिवहन में आएगी क्रांति
रविवार को बीकानेर रेल मंडल के किशनगढ़ बालावास स्टेशन पर डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कमीशनिंग का कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण हो गया है।
इसके अंतर्गत लूप लाइन के लिए 1873 मीटर की लंबी नई लाइन डाली गई है,इससे डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर कॉरपोरेशन को अब दो लाइनें उपलब्ध हो सकेंगी। जिससे अब गुड्स परिवहन के क्षेत्र में क्रांति आएगी। साथ ही ट्रेनों के संचालन में लगने वाले समय में बचत होगी।
इस कार्य के दौरान शैडो ब्लॉक में रेवाड़ी- किशनगढ़ बालवास खंड में स्थित पुल नंबर ‘2’ और ‘4’ के पुराने स्लैब को 25 टन क्षमता वाले स्लैब से बदलने का काम भी किया गया। इससे पुल की वजह क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।
इंटरलॉकिंग कार्य के पश्चात पहली लंबी दूरी की ट्रेन को भी खाली लूप लाइन से गुजार कर चेक किया गया।
नए शुरू किए गए कार्यों में शामिल हैं:
यार्ड में पॉइंट्स की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे रेल संचालन सुगम होगा।
इससे गाड़ियों के क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम लगेगा,इससे रेल संचालन में सहायता मिलेगी एवं यात्रियों को भी समय-लाभ होगा।
साथ ही सिग्नल व्यवस्था को भी उन्नत बनाया गया है। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक तकनीकी का उपयोग किया गया है –
*फ्यूज अलार्म सिस्टम*
इसके अंतर्गत ऐसी पद्धति का उपयोग किया गया है जिसमें दो फ्यूजों का उपयोग किया जाता है। जिसमें से यदि एक फ्यूज भी खराब होता है, तो सिग्नल व्यवस्था बाधित नहीं होती है, साथ ही मोबाइल मैसेज के माध्यम से इंजीनियर सहित स्टाफ को पता चलता है एवम तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया जाता है।
इस अत्याधुनिक तकनीकी कार्य के पूर्ण होने से गाड़ियों के लोको पायलटों को उच्च श्रेणी की सिग्नल व्यवस्था उपलब्ध होगी जिससे श्रेष्ठ गाड़ी संचालन होगा।
स्वचालित फायर सिस्टम
इसके अंतर्गत ऐसे सिस्टम को विकसित किया गया है, जिससे कि यदि स्टेशन के सिग्नल विभाग के कक्ष में उपकरणों में किसी प्रकार की धुँआ या तापमान बढ़ता है, तो स्वचालित सिस्टम इस धुंआ या बढ़ते तापमान को डिटेक्ट करके स्टेशन मास्टर सहित, इंजीनियरों को मैसेज भेजेगा जिससे की आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही तकनीकी त्रुटि का पता लगाकर इसे दुरुस्त किया जा सके।













