


नोखा में जाने माने खत्री मोदी परिवार पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार की रात्रि वृद्ध माँ तारादेवी की स्वर्गवास हो गया और सोमवार देर सायं उनका अंतिम संस्कार करने 67 वर्षिय बेटा सुभाष मां को कंधौ पर समसान घाट के प्रथम द्वार तक ले गया जहाँ पंडित जी ने बेटे सुभाष के हाथो पूजा करवाई और ज्योही समसान घाट के द्वितिय द्वार स्थित अंतिम दाह संस्कार स्थल पर जाने वाले थे त्योही बटे को दिल का दौरा आ गया और गिर गया। उनको लक्ष्मी अस्पताल ले कर गये वंहा डा. घनश्याम स्वामी ने मृत बता दिया। परिवारजनों ने मां का दाह संस्कार किया। मंगलवार २३ दिसम्बर को बेटे सुभाष का अंतिम दाह संस्कार के दौरान नोखा, बीकानेर सरदारशहर, संगरिया, सुजानगढ़, जयपुर आदि विभिन्न क्षेत्रों से सेकड़ों की तादाद में लोग शव यात्रा में थे । दोनों की तिये का स्नान बुधबार 24 दिसम्बर को दिन के 11 बजे पब्लिक पार्क नोखा में होगा। बेटे शुभाष को पुत्र धीरज ने मुखाग्नि दी। माँ के समीप चिता जलने पर लोगो की जुबा पर था कि माँ की गोद मे बेटा समा गया। माँ की सेवा के लिए आया था और की, सेवा हेतु साथ में चला गया।














