
बीकानेर – जसुसर गेट के बाहर दुर्गा माता मंदिर के मोहता गार्डन में चल रही भागवत कथा में पांचवे दिन व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक विक्रम जी आचार्य वृंदावन वालों ने भगवान के नंद गांव का उत्सव,नामकरण संस्कार,पूतना वध, बाल्य अवस्था में कई राक्षसों का मार कर उद्धार तथा महादेव शंकर दर्शन करने को आए उनकी कथा का विस्तार से वर्णन किया।

कथा के पांचवे दिन बाल लीलाओं का वर्णन हुआ और विशेष रूप से गोवर्धन पूजा हुई देवराज इंद्रदेव का भगवान ने घमंड नष्ट किया विस्तार से वर्णन किया।
आचार्य विक्रम जी वृंदावन वालों ने कहा भगवान ने बाल्यावस्था में जो लीलाएं की उससे सभी देव,प्रकृति,लोक प्रसन्न हो गए।















