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समाजसेवा व व्यवसाय में अग्रणीय
हस्ती थे, स्वर्गीय रामदेव जी  अग्रवाल ’’रंगवाला’’
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बीकानेर, 27 दिसम्बर। समाज सेवा व व्यवसाय में बीकानेर की हस्ती थे, स्वर्गीय रामदेवजी अग्रवाल रंगवाला। उनके निधन पर उद्योगपतियों, व्यवसाइयों, प्रशासनिक, पुलिस, न्यायिक अधिकारियों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिाियों, विभिन्न सामाजिक एवं स्वयं सेवी संगठनों के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। ’’जय बाबेरी’’के उद्घोष के साथ आत्मीय भाव से लोगों से मिलने वाले तथा हर शरण में आए लोगों की तन, मन व धन से सहयोग करने वाले रामदेवजी अग्रवाल का निधन 18 दिसंबर 2025 को 81 वर्ष की आयु में कुछ असाध्य बीमारी से हो गया था।
बाबा रामदेव के अभिन्न भक्त रामदेवजी अग्रवाल ’’रंगवाला’’ बीकानेर के प्रसिद्ध अग्रवाल   अखेचंद  जी के घर हुआ था। उन्होंने समाज सेवा का गुण अपने दादा स्वर्गीय जेठमल अग्रवाल व पिता अखेचंदजी से प्राप्त किया था। स्वर्गीय जीतमल जी अग्रवाल ने गोगागेट के अंदर अग्रसेन भवन के लिए भूमि दान की। वर्तमान में स्वर्गीय जेठमलजी अग्रवाल की प्रतिमा अग्रसेन भवन में सृजन के साथ समाज के लिए कुछ धन विसर्जन का संदेश दे रही है।
स्वर्गीय रामदेवजी अग्रवाल ने युवा अवस्था में पिता अखेचंदजी के साथ कुछ दिन कोलकाता में पुस्तैनी रंग सामग्री का कारोबार किया तथा बाद में बीकानेर में नमक का कार्य किया। कड़ी मेहनत व लगन से वर्ष 1985 में अग्रवाल साल्ट कंपनी की स्थापना की तथा गुलाब ब्रांड आयोडिन नमक की बिक्री कर व्यवसाय कर प्रतिष्ठा हासिल की। उन्होंने 1990 में कोटगेट के अंदर 150 दुकानों का ’’रामदेव कटले’’ का निर्माण किया। इस कटले के माध्यम से सैकड़ों लोगों की रोजी रोटी चल रही है। इसी कटले में उन्होंने अपने इष्टदेव रामदेवजी के मंदिर का निर्माण किया। इस मंदिर में वे नित्य दर्शन वंदन करते थे। वर्तमान में कटले के व्यवसाई व कर्मचारी बाबा रामदेवजी के मंदिर में दर्शन कर लोकदेवता बाबा रामदेवजी आस्था व विश्वास प्रकट कर रहे है।
स्वर्गीय रामदेवजी बोलने में कड़क तथा दिल से बिलकुल नर्म थे। उन्होंने सुप्रसिद्ध गायक बाबा गोपाल बजाज, 12 उनके पुत्र सुशील बजाज के 3 तथा अन्य के 4 विशाल बाबा रामदेवजी के जम्मे-जागरण तथा भागवत कथा सहित अनेक धर्म संस्कृति के कार्यक्रमों का  आयोजन करवाया। उन्होंने रूणिचा में बाबा रामदेव जी की धर्मशाला व जस्सूसर गेट के बाहर दुर्गा माता के मंदिर के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्गीय रामदेवजी अग्रवाल ने गंगाशहर में होटल मिलेनियम, खतूरिया कॉलोनी में रामदेव मंेशन का निर्माण करवाया तथा श्रीराम कटले का संचालन का जिम्मा लिया।  इसके अलावा सुजानदेसर के काली माता मंदिर में 108 पीपल के वृक्ष का रोपण करवाया तथा शांति निवास वृद्ध आश्रम सहित अनेक सेवा भावी संस्थाओं को अर्थ सहयोग देते रहते थे।  स्वर्गवास से दो सप्ताह पूर्व ही वे रामदेवरा गए तथा जरूरतमंदों को थर्माकोट की बनियाने वितरित की तथा बाबा रामदेवजी व उनके पुजारियों को आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्वर्गीय रामदेवजी रंगवाला ने नत्थूसर गेट के बाहर हाड़ी कुंड़ी अग्रवाल समाज के श्मशान गृह परिसर के सतीमाता के मंदिर में हॉल का निर्माण करवाया तथा सती माता के वार्षिक उत्सव में, बाबा रामदेवजी के मेले के अवसर पर अल्पहार की व्यवस्था भी वर्षों से कर रहे थे। गर्मी में बेले के शर्बत का तथा सर्दियों में जरूरतमंदों को कबंल,गर्म कपड़े, जुर्राब, गर्म बनियान, श्वेटर आदि वितरण करना उनकी रूचि में था। उन्होंने  अपने निवास सार्दुल गंज में बिल्व पत्र, रुद्राक्ष,अशोक आदि पेड़ों लगाया तथा पेड़ों व पार्क की देखभाल, नियमित परमात्मा का स्मरण पूजन उनकी नियमित दिनचर्या में शामिल था। स्वर्गीय रामदेवजी अग्रवाल ’’रंगवाला’ ने पत्नी श्रीमती सरला से शादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर उत्सव मनाया तथा जरूरमंदों की सेवा की। उनके पद चिन्हों पर उनके पुत्र मधु सुदन अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, पौत्र राधे-कृष्णा, श्लोक, पौत्री तनिष्का व माहि, पुत्र वधुएं व पुत्रियां तथा परिवार के सदस्य व्यवसाय व समाज सेवा में संकल्प के साथ अग्रणी भूमिका के लिए तत्पर है।
शिव कुमार सोनी वरिष्ठ पत्रकार बीकानेर  27.12.25

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