











बीकानेर, 8 मार्च। देशनोक के सदर बाजार में स्थित करीब पांच शताब्दी प्राचीन भगवान श्री आदिनाथ जैन मंदिर में रविवार को से भक्ति संगीत के साथ शांति स्नात्र पूजा, सतर भेदी पूजा व वार्षिक ध्वजा महोत्सव हुआ। महोत्सव में देशनोक,बीकानेर, गंगाशहर, भीनासर के बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने हिस्सा लिया।
श्री आदिश्वर भगवान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेन्द्र भूरा, मंत्री महेन्द्र जैन, संरक्षक नत्थमल सुराणा, सहमंत्री जिनेन्द्र कोचर, उपाध्यक्ष गौतम सिपानी, ट्रस्टी महावीर सुराणा, कोषाध्यक्ष जयंत सुराणा के नेतृत्व में हुए वार्षिक महोत्सव में जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ, तपागच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ, साधुमार्गी संघ व तेरापंथ के श्रावक-श्राविकाओं ने हिस्सा लिया। श्रीमती कंचन कोचर, श्रीमती वसु सिंगी व विरेन्द्र ’’पप्पूजी’’ बांठिया के नेतृत्व में भगवान आदिनाथ की स्तुति वंदना के विभिन्न राग व तर्जों में भजन गाए गए तथा सतर भेदी पूजा विधि विधान से करवाई। पूर्व में शांति स्नात्र पूजा श्रद्धा भक्ति से की गई।
श्री आदिनाथ भगवान मंदिर ट्रस्ट के सह सचिव जिनेन्द्र कोचर ने बताया कि 480 वर्ष पुराने भगवान आदिनाथ के मंदिर का जीर्णांद्धार 1999 में गच्छाधिपति विजय नित्यानंद सूरिश्वरजी के सान्निध्य में करवाया गया। रविवार को गच्छाधिपति विजय नित्यानंद सूरिश्वरजी ने वर्च्युअल माध्यम से महोत्सव तथा श्री आदिश्वर भगवान मंदिर ट्रस्ट के सभी ट्रस्टियों की देव, गुरु व धर्म के प्रति आस्था, विश्वास व समर्पण की अनुमोदना की ।
बीकानेर, गंगाशहर व भीनासर से करीब 125 श्रावक-श्राविकाएं विशेष बस में तथा अनेक श्रद्धालु विभिन्न वाहनों में देशनोक पहुंचे थे। पूजा व ध्वजा महोत्सव के बाद साधार्मिक भक्ति का आयोजन हुआ जिसमें जैन समाज के सभी पंथ व समुदाय के श्रावक-श्राविकाओं ने जैन समाज एकता का परिचय देते हुए भागीदारी निभाई।


























