
बीकानेर, 18 मई। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर सोमवार को गंगा राजकीय संग्रहालय के तत्वावधान में ‘पुरातत्व एवं संग्रहालय के विकास में जन सहभागिता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन राजकीय संग्रहालय परिसर में किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता संग्रहालयाध्यक्ष राकेश शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार, कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी थे, जबकि विशिष्ट अतिथि रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट उपाध्यक्ष विजय खत्री रहे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राकेश शर्मा ने कहा कि संग्रहालय हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के जीवंत केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों के विकास एवं संरक्षण में आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। जन सहयोग से ही पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक हमारी संस्कृति और इतिहास को प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि राजेन्द्र जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं के संग्रह स्थल नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक स्मृतियों के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य, इतिहास और संस्कृति का आपसी संबंध समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को संग्रहालयों से जुड़ने तथा अपनी विरासत के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि विजय खत्री ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी से संग्रहालयों को और अधिक जीवंत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में समाज की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सरकार की। संगोष्ठी का संचालन विष्णु शर्मा ने किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने पुरातत्व एवं संग्रहालयों के संरक्षण, संवर्धन तथा इनके विकास में जन सहभागिता बढ़ाने पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में संग्रहालय से जुड़े अधिकारियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।














