

श्री करणी इंद्र बाईसा मंदिर में सात दिवसीय संस्कार शिविर आयोजित, गौसेवा, पर्यावरण व संस्कृति की सीख मिल रही बच्चों को
बीकानेर। गंगाशहर में चौपड़ा बाड़ी स्थित श्री करणी इंद्र बाईसा के मंदिर में नववैदिक ग्राम प्रोजेक्ट के तहत संस्कार शिविर संचालित किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े ओम ओझा ने बताया कि संस्कार शिविर के चतुर्थ दिवस प्रशिक्षक निर्मल बरडिय़ा ने श्लोक-दोहों के साथ गौसेवा, स्वच्छता एवं पर्यावरण संबंधी ज्ञानवर्धक मूल्यों की सीख बच्चों को दी।
निर्मल बरडिय़ा ने बताया कि मन्दिरों में संस्कार निर्माण शिविर संचालन की शुरुआत श्री करणी इंद्र बाईसा मंदिर से की गई है। भावी पीढी को स्वयं, परिवार, समाज, राष्ट्र, प्रकृति व जगत के लिए तैयार करने हेतू 5 से 15 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं के शिविर आयोजित किया जा रहा है। सुबह 7:30 से 9 बजे तक चलने वाले इस शिविर में गीता, रामचरितमानस, नीति श्लोक, प्रेरक कहानी के साथ शुरूआत स्वास्थ्य, परिवार, सद्गुण, प्रकृति पोषण हेतू कम से कम सात कार्य सिखाना, (बीज संग्रह व विस्तार,सीड बाल निर्माण, पानी बचत व सदुपयोग, प्लास्टिक नियंत्रण-निस्तारण, स्वच्छता तरीके (कचरा प्रबन्धन), गृह वाटिका, पेड़-पौधे लगाने के तरीके, जीव जगत पोषण), गौसेवा के सरलतम सूत्र सिखाना तथा व्यवस्था कौशल सिखाना, दायित्व बोध, योजना निर्माण आदि कार्य सिखाए जाते हैं।
मंदिर से जुड़े सूरज सिंह राजपुरोहित ने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को मनभावन अल्पाहार भी दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान पुजारी अरविन्द सेवग, मनोहरलाल खुडिय़ा, भंवरलाल जस्सू, शिव ओझा, दुर्गाप्रसाद सारस्वत, गोपी सुथार, बबलू सोनी, हरिकिशन नाई, राजू सोनी, वासुदेव ओझा आदि की सहभागिता रही।















