
बीकानेर। आज के दौर में जहां बच्चे अपने जन्मदिन पर मनोरंजन और उपहारों को प्राथमिकता देते हैं, वहीं नक्षिता के जन्मदिवस के अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने समाज और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने अपनी गुल्लक में जमा किए गए पैसों से सीमेंट से बनी पांच पानी की टंकियां खरीदकर रेस्क्यू सेंटर को भेंट कीं, ताकि भीषण गर्मी के दिनों में पक्षियों को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा सके।
इन सीमेंट की टंकियों को विभिन्न पेड़ों के नीचे और पक्षियों के आवागमन वाले स्थानों पर रखा जाएगा, जहां नियमित रूप से पानी भरकर पक्षियों की प्यास बुझाने की व्यवस्था की जाएगी। गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के कारण पक्षियों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बच्चों की यह पहल न केवल पक्षियों के लिए राहत का माध्यम बनेगी, बल्कि समाज को भी पर्यावरण और जीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश देगी।
इस सराहनीय कार्य में दिविम, विवान, यति, कविश और प्रंकित सहित अन्य बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने अपनी गुल्लक में लंबे समय से जमा किए गए पैसों का उपयोग इस नेक कार्य के लिए किया है, ताकि जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर उसे सेवा और संवेदनशीलता से भी जोड़ा जा सके।
रेस्क्यू सेंटर के प्रभारी सीताराम स्वामी ने बच्चों की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि जब बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार और जीवों के प्रति दया एवं सेवा की भावना सिखाई जाती है, तो वे बड़े होकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने अपने कार्य से यह साबित कर दिया है कि छोटी-सी सोच और छोटा-सा प्रयास भी बड़े बदलाव का कारण बन सकता है।
सीताराम स्वामी ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि ऐसे कार्य अन्य बच्चों और परिवारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उपस्थित लोगों ने भी बच्चों की इस अनूठी पहल की प्रशंसा करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और पक्षी सेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
नक्षिता के जन्मदिवस पर किया गया यह सेवा कार्य समाज को यह संदेश देता है कि खुशियां तभी सार्थक होती हैं जब उनमें दूसरों के लिए संवेदनशीलता और सेवा का भाव भी शामिल हो। बच्चों की यह पहल निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनेगी।














