डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा है शिक्षा की नई आवश्यकता: कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग
देश के 19 राज्यों के शिक्षकों का ऑनलाइन संगम, बीटीयू–एमडीएसयू के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आगाज़
डिजिटल शिक्षा के तेजी से विस्तार के बीच शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (BTU), बीकानेर एवं मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC), महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU), अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में “साइबर सिक्योरिटी इन टीचिंग एंड लर्निंग” विषय पर छह दिवसीय ऑनलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन 13 से 18 जुलाई, 2026 तक किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज का शिक्षा जगत पूर्णतः डिजिटल माध्यमों से जुड़ चुका है। ऐसे समय में केवल तकनीक का उपयोग पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल आईटी विशेषज्ञों का विषय नहीं रह गया है, बल्कि प्रत्येक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। शिक्षकों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित डिजिटल शिक्षण वातावरण विकसित करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
विशिष्ट अतिथि एवं एमएमटीटीसी, एमडीएसयू अजमेर के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद ने कहा कि मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप नवीनतम ज्ञान, कौशल और डिजिटल दक्षताओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक एवं समसामयिक पहलुओं से परिचित कराएगा तथा शिक्षण एवं शोध कार्यों में सुरक्षित डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज कुड़ी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के लगभग 180 शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रतिभागी 19 राज्यों—राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, केरल, असम, तेलंगाना, ओडिशा, सिक्किम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों—से जुड़े हैं, जो इसकी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है।
छह दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 24 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 20 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ एवं संसाधन व्यक्ति भाग लेंगे। इनमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय तथा देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं एथिक्स, डेटा सुरक्षा, साइबर अटैक डिटेक्शन, मोबाइल सिक्योरिटी, स्टैटिक एनालिसिस, जेनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, आरएजी (RAG), गार्डरेल्स, साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल, साइबर कानून तथा सुरक्षित डिजिटल शिक्षण पद्धतियों जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने, सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित करने तथा उच्च शिक्षा में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करेगा।















