संत श्री गुरु रविदास महाराज की जयंती पर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित, समरसता संकल्प अभियान बना समानता का प्रतीक
जयपुर। भाजपा की ओर से संतश्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित आरआईसी केंद्र के सभागार में आयोजित की गई। इस अवसर पर भाजपा आईटी विभाग के प्रदेश प्रभारी अविनाश जोशी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर व दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया। समरसता संकल्प अभियान की प्रदेश कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज का संपूर्ण जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के आदर्शों का प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुरु रविदास महाराज के संदेशों को निरंतर स्मरण करते हुए एक भारत-श्रेष्ठ भारत तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश प्रभारी आईटी विभाग अविनाश जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों के सम्मान और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। अहिल्याबाई होल्कर, भगवान बिरसा मुंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अनेक महापुरुषों की जयंती और स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। काशी में संत गुरु रविदास महाराज से जुड़े पवित्र स्थलों का विकास किया गया तथा उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को संरक्षित करने का कार्य किया गया है। मध्यप्रदेश में उनके जीवन से संबंधित शोध केंद्र की स्थापना भी की गई है। भाजपा का प्रयास है कि संत-महात्माओं के विचार और जीवन दर्शन समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में करोड़ों जरुरतमंद परिवारों को आवास, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, शौचालय और हर घर जल जैसी योजनाओं से लाभान्वित करने, समाज के पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्गों को सम्मान और सशक्तिकरण देने का जो कार्य हुआ है, वह अभूतपूर्व हैं। कार्यशाला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यशाला में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी, विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष, तिरंगा यात्रा संयोजक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












