
समस्याओं को अवसर में बदलने की पहल, कृषि से डिजिटल सेवाओं तक दिखी रचनात्मक सोच
पोर्टेबल सोलर कोल्ड बॉक्स शीर्ष पर, प्लांटोरा और बायो ब्रू ने भी बनाई जगह
इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग द्वारा उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल) के सहयोग से यूरेका 2026 का आयोजन किया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे की प्रतिष्ठित यूरेका प्रतियोगिता से जुड़े इस आयोजन में विद्यार्थियों ने नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप की संभावनाओं से जुड़े अपने विचारों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में 67 विद्यार्थियों ने 23 टीमों के माध्यम से कृषि, पर्यावरण, डिजिटल सेवाओं और खाद्य क्षेत्र से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान पर आधारित नवाचारी विचार प्रस्तुत किए।
आयोजन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें समस्या की पहचान, समाधान विकास, व्यावसायिक मॉडल और स्टार्टअप निर्माण की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराना रहा। विद्यार्थियों ने ऐसे विचार प्रस्तुत किए, जिनमें तकनीकी उपयोगिता के साथ-साथ सामाजिक प्रभाव और बाजार की संभावनाओं को भी प्रमुखता दी गई।
सौर ऊर्जा से किसानों की फसल बचाने का आइडिया बना विजेता
प्रतियोगिता में पोर्टेबल सोलर-पावर्ड कोल्ड बॉक्स ने प्रथम स्थान हासिल किया। इस नवाचार का उद्देश्य किसानों के फल एवं सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए सौर ऊर्जा तथा ग्रिड बिजली से संचालित पोर्टेबल कोल्ड-स्टोरेज समाधान उपलब्ध कराना है। टीम की लीडर रिद्धि रहीं।
द्वितीय स्थान प्लांटोरा (प्लांटोरा) को मिला। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो ग्राहकों को स्थानीय नर्सरियों से जोड़ने के साथ उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पौधों के चयन, खरीद और देखभाल में सहायता प्रदान करता है। टीम लीडर निशांत कंठ तथा टीम सदस्य मोहित शर्मा रहे।
वहीं बायो ब्रू (बायो ब्रू) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह स्टार्टअप मॉडल स्थानीय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती प्रीमियम रोस्टेड कॉफी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। मॉडल में बिचौलियों की भूमिका कम करते हुए उत्पाद को सीधे ग्राहकों और रिटेलर्स तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है।
तकनीकी नवाचार के साथ व्यावसायिक सोच की भी हुई परख
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की तकनीकी उपयोगिता, व्यावसायिक संभावनाओं, व्यवहार्यता और सामाजिक प्रभाव को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया। इस दौरान केवल आइडिया की नवीनता ही नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक समस्या के समाधान की क्षमता और भविष्य में उसे व्यावसायिक मॉडल में परिवर्तित करने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।
निर्णायक मंडल में डॉ. हरदयाल सिंह शेखावत, डॉ. ऋतुराज सोनी, डॉ. मनोज कुरी, डॉ. धनरूप मल नागर, डॉ. राहुल अग्रवाल एवं अनिता चंदेल शामिल रहे। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सुरेंद्र सिंह चौधरी ने किया।
सीएसई विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतुराज सोनी ने कहा कि, “यूरेका 2026 विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को वास्तविक समस्याओं के समाधान और उद्यमिता से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार से स्टार्टअप तक की यात्रा के लिए तैयार करते हैं।”
यूरेका 2026 ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत किया। आयोजन ने विद्यार्थियों को यह अवसर दिया कि वे कक्षा और प्रयोगशाला में अर्जित ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर ऐसे समाधान विकसित करें, जिन्हें भविष्य में व्यावसायिक उद्यम का रूप दिया जा सके।














