
बीकानेर, 20 अगस्त। कैलाश मानसरोवर की पवित्र एवं दुर्गम यात्रा पूरी कर बीकानेर लौटे चार कैलाशियों का गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर परिवारजनों एवं शुभचिंतकों द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर 28 जुलाई को बीकानेर से रवाना हुए बाबूराम, श्रीमती उर्मिला, नवदीप एवं भवानी शंकर टाक ने सावन के पवित्र माह में कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण की।
चारों कैलाशी जैसे ही बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचे, वहां पहले से मौजूद परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने उनका ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया। परिवार के सदस्यों ने कैलाशियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया तथा भगवान शिव के जयकारे लगाए।
इस अवसर पर पूर्व कैलाशी योगेश एवं के.के. पारीक सहित अन्य लोगों ने कैलाशियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। यात्रा पूरी करके सकुशल घर लौटने की खुशी परिवार के सदस्यों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। लंबे इंतजार के बाद जब अपने परिजन सामने पहुंचे तो कई सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक यात्रा माना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कैलाश पर्वत और मानसरोवर के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है। चारों कैलाशियों ने भी यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों को परिजनों एवं शुभचिंतकों के साथ साझा किया।
परिवारजनों ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना से जुड़ी इस यात्रा का सफलतापूर्वक पूरा होना उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरव का क्षण है। यात्रा के दौरान सभी ने भगवान शिव से परिवार, समाज एवं देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
चारों कैलाशियों की सकुशल वापसी पर परिवार एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की। स्टेशन पर हुए इस स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में परिजन एवं शुभचिंतक मौजूद रहे।














