नोखा/ यहां लाहोटी चौक हनुमान मंदिर के पास अयोध्या धाम में नोखा तहसील चातुर्मास समिति की ओर से 29 जुलाई से चल रही श्री बाल्मिकि रामायण के 38 वें दिन शुक्रवार 4 सितम्बर को व्यास पीठ पर विराजित परम पूज्य दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज ने सुंदर काण्ड की पूर्णता की ओर बढ़ते हुए लंका काण्ड को लेकर प्रकाश डालते हुए कहा कि हनुमानजी जितना कार्य यानि सीता की खोज करने के लिए लंका गये थे उससे अधिक कार्य करके वापस लौट आये है। भगवान रामजी ने हनुमानजी से लंका व सीता के बारे में पूछने पर हनुमानजी महाराज ने लंका, अशोक वाटिका और माँ सीता के बारे में बताते हुए कहा कि माँ सीता अशोक वाटिका में बुरी दशा में सहमी हुई और आप को याद कर रही है रामजी द्वारा पुरा हाल-चाल जानने का व मेरे लिए क्या कहा इस हनुमानजी महाराज विस्तार से पूरी जानकारी देते है। हनुमानजी ने कहा कि मेरे वापस लौटने के दौरान माँगे जाने पर सीताने निशानी के लिए अपनी चूणामणी निकाल कर दी जो हनुमानजी ने श्री रामजी को दी तो रामजी देख कर उदास होना और चूणामणी को अपने गले लगाते है। शुक्रवार को सुन्दर काण्ड पूर्ण हो गया। और युद्ध काण्ड प्रारंभ हो रहा है। हनुमानजी ने जो कार्य किया ऐसा काम कोई नहीं कर सकता भगवान रामजी ने हनुमानजी से कहते है कि हनुमान में तुम्हें क्या दूं तुम्हारे को देने जैसा मेरे पास कुछ नहीं है हनुमानजी को रामजी ने यह कहते हुए अपने गले लगा लिया। शुक्रवार जन्माष्टमी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया भजन संध्या, कृष्ण जन्मोत्सव, प्रसाद वितरण सहित सभी कार्यों की देख भाल में समिति के दामोदर तिवारी, प्रहलाद मोहता, गिरधारी पारीक, गोपाल मोहता, जुगल लोहिया, नारायण राठी, पवन चांडक आदि जुटे हुए है। उक्त जानकारी सिमिति के इन्द्रचन्द मोदी ने दी।












