उपमहापौर चुनाव में भाजपा के पंकज गहलोत को मिले 40 वोट, कांग्रेस की नसीम बानो को 38 वोट; एक मत NOTA और एक मत खारिज
बीकानेर। बीकानेर नगर निगम में महापौर और उपमहापौर चुनाव के बाद दिलचस्प राजनीतिक समीकरण सामने आया है। महापौर पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि उपमहापौर की कुर्सी भाजपा के खाते में गई है। नगर निगम में दो प्रमुख पद अलग-अलग दलों के पास जाने से आगामी दिनों में शहर की राजनीति और निगम संचालन पर सभी की निगाहें रहेंगी।

महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने जीत हासिल की। उन्हें कुल 50 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट प्राप्त हुए। इस तरह अनिल कल्ला बीकानेर के महापौर निर्वाचित हुए।
इसके बाद हुए उपमहापौर चुनाव में मुकाबला बेहद रोचक और नजदीकी रहा। भाजपा प्रत्याशी पंकज गहलोत ने 40 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो को 38 वोट मिले। इसके अतिरिक्त एक पार्षद ने NOTA का विकल्प चुना, जबकि एक मत खारिज घोषित किया गया।
केवल दो वोट से तय हुई उपमहापौर की कुर्सी
उपमहापौर पद का परिणाम महज दो मतों के अंतर से तय हुआ। पंकज गहलोत को 40 और नसीम बानो को 38 वोट मिलने से अंतिम समय तक मुकाबला रोमांचक बना रहा। एक वोट NOTA और एक वोट खारिज होने से चुनावी परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नगर निगम में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी का उपमहापौर निर्वाचित होना महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि मतदान गोपनीय होने के कारण यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि किस पार्षद ने किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। परिणाम ने संभावित क्रॉस वोटिंग और पार्षदों की राजनीतिक रणनीति को लेकर अटकलों को जरूर हवा दे दी है।
महापौर कांग्रेस का, उपमहापौर भाजपा का
चुनाव परिणाम के बाद बीकानेर नगर निगम में सत्ता का अनोखा संतुलन बन गया है। महापौर पद कांग्रेस के अनिल कल्ला के पास रहेगा, जबकि उपमहापौर के रूप में भाजपा के पंकज गहलोत जिम्मेदारी संभालेंगे।
अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि अलग-अलग दलों से चुने गए महापौर और उपमहापौर नगर निगम में आपसी समन्वय के साथ किस प्रकार काम करते हैं। सफाई व्यवस्था, सड़क, सीवरेज, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, जलभराव और शहरी विकास जैसे मुद्दों पर दोनों पदाधिकारियों के बीच तालमेल निगम के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
बीकानेर की राजनीति में नई चर्चा
महापौर चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत और उपमहापौर चुनाव में भाजपा की वापसी ने बीकानेर की राजनीति को नया मोड़ दिया है। परिणाम के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास अपनी-अपनी जीत का दावा करने का अवसर है। कांग्रेस ने महापौर की महत्वपूर्ण कुर्सी हासिल की है, वहीं भाजपा ने नजदीकी मुकाबले में उपमहापौर पद जीतकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई है।
इस परिणाम के साथ बीकानेर नगर निगम में नई राजनीतिक पारी शुरू हो गई है। अब दोनों पदाधिकारियों के सामने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी होगी।












