


राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने पंचकर्म सुविधाओं के विस्तार के लिए सहयोग का दिया आश्वासन, भामाशाहों का किया सम्मान
बीकानेर, 27 सितंबर। राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, गंगाशहर की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अमृत महोत्सव समारोह एवं भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अनीता कटारिया थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री भगवान अग्रवाल ने की।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार, बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत, श्री श्याम पंचारिया, श्रीमती सुमन छाजेड़, पूर्व महापौर श्री नारायण चौपड़ा तथा श्री विजय आचार्य उपस्थित रहे।
*पंचकर्म सुविधाओं के विस्तार के लिए सहयोग का आश्वासन*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यदि केन्द्र में पंचकर्म की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो पंचकर्म शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं मशीनों की सूची तथा उनकी लागत तैयार कर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सहयोग उनकी ओर से उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र में पंचकर्म सुविधा संचालित हो रही है तो इसे और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की सूची लागत सहित तैयार कर दी जाए।
श्री कटारिया ने कहा कि पंचकर्म में शरीर को पुनर्जीवित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति केवल भूख से नहीं, बल्कि आवश्यकता से अधिक खाने के कारण भी अनेक समस्याओं का शिकार होता है। उन्होंने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही प्राकृतिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण स्थान रहा है और भविष्य में भी प्राकृतिक चिकित्सा की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि किसी संस्था का 75 वर्षों तक बिना सरकारी सहायता के निरंतर संचालित होना बड़ी उपलब्धि है। एक समर्पित व्यक्ति द्वारा लगाया गया पौधा आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने केन्द्र के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसके विकास में सहयोग का विश्वास दिलाया।
*केन्द्र को विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास*
श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार ने कहा कि बीकानेर के हृदय स्थल में स्थित राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र बेहतर कार्य कर रहा है। केन्द्र को विश्वस्तरीय बनाने के लिए समाज के अन्य भामाशाहों के सहयोग से इसे और विकसित किया जाएगा।
बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास ने कहा कि राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र निरंतर आगे बढ़ता रहे और बीकानेर की जनता को इसका लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि श्री ओम आचार्य, श्री द्वारका तिवाड़ी सहित अनेक लोगों के सहयोग से यह चिकित्सालय निरंतर प्रगति की ओर बढ़ा है।
श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत ने कहा कि राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र बीकानेर की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने केन्द्र की सेवाओं की सराहना करते हुए इसके निरंतर विकास की कामना की।
*भामाशाहों का सम्मान*
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि श्री गुलाब चंद कटारिया एवं अन्य अतिथियों ने केन्द्र के विकास एवं सेवा कार्यों में सहयोग देने वाले भामाशाहों श्री अशोक मोदी, श्री भरत ठोलिया, श्री शिवकरण डेलू, श्री बसंत नवलखा, श्री डी.पी. पचीसिया, श्री कौशल सौनी, श्री पवन अग्रवाल सहित अन्य सहयोगकर्ताओं का शॉल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर सम्मान किया।
*1951 में हुई थी केन्द्र की स्थापना*
इससे पूर्व केन्द्र प्रभारी श्री बनवारी लाल शर्मा ने राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र की स्थापना एवं विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1951 में श्री देवेन्द्र शर्मा द्वारा सवा पांच बीघा भूमि पर केन्द्र की शुरुआत की गई थी। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के योग शिक्षक श्री धीरेन्द्र ब्रह्मचारी भी केन्द्र में आए थे तथा यहां रहकर तीन दिन तक उपचार करवाया था॥ उन्होंने बताया कि श्री देवेन्द्र शर्मा के बाद वैद्य महावीर प्रसाद शर्मा ने केन्द्र की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाया और इसे निरंतर विकसित किया।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण श्री विजय आचार्य ने दिया, जबकि आभार श्री हनुमान चांडक ने व्यक्त किया।समारोह में श्रीमती सुमन सारस्वत, श्रीमती रेखा अग्रवाल, श्री सत्यप्रकाश आचार्य, एडवोकेट श्री अशोक प्रजापत, श्री जगदीश सोनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।














