

सेवा, संस्कार और कौशल प्रशिक्षण संस्थान की प्राथमिकता : कन्हैयालाल भाटी
बीकानेर। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी की स्थापना दिवस एवं संस्थापक अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी का जन्मदिन सेवा कार्यों के साथ मनाया गया। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी के प्रवक्ता मुरली गहलोत ने बताया कि संस्थान का मूल उद्देश्य सेवा, संस्कार प्रवाह और हुनर कौशल प्रशिक्षण व रोजगार उपलब्ध करवाना रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु संस्थान के सातवें स्थापना दिवस पर 12 सिलाई मशीनें जरुरतमंद महिलाओं को प्रदान की जाएगी। इस प्रकल्प की शुरुआत अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी, संरक्षक ओम सोनगरा, महिला विंग अध्यक्ष बाला स्वामी द्वारा जरुरतमंद महिला को सिलाई मशीन भेंट करके की गई। इससे पूर्व कोडमदेसर भैरुनाथ मंदिर के सरोवर परिसर में पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर नोखा रोड भीनासर स्थित जय गौमाता सेवा समिति गौ चिकित्सालय में सेवा कार्य किए गए। गौभक्त यशविन्द्र चौधरी ने बताया कि इस गौ चिकित्सालय में बीमार गौमाता को नि:शुल्क चिकित्सा व सेवा प्रदान की जाती है। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी के रजनीश जोशी ने बताया कि दो क्विंटल हरा चारा, पानी टैंकर व चैनपुली की व्यवस्था की गई। महिला विंग सहित अनेक सदस्यों ने सेवा कार्य किए। संस्था के संरक्षक राजकुमार किराड़ू ने वर्चुअल संदेश देते हुए संस्थान के आगामी प्रकल्पों में रोजगार हेतु कौशल प्रशिक्षण शिविर शुरू करवाने की भी घोषणा की।
सुशीर सिंह भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में सुरेन्द्र गहलोत, पार्षद शिव गहलोत, मेवा सिंह, नंदकिशोर गहलोत, भरत सिंह तंवर, राकेश सांखला, किशन किराड़ू, ओमप्रकाश भाटी, संजय सांखला, शशिकांत गहलोत, गौरीशंकर भाटी, राजकुमार पंवार, मूलचंद गहलोत, नवीन आचार्य, राधेश्याम सुथार, राजकुमार सांखला, भीमराज सेवग, बलदेव रंगा, एडवोकेट बालमुकुंद व्यास, राजेश सहारण, भगवानाराम, दिनेश, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांग्रेस ओबीसी जिलाध्यक्ष उमा सुथार, कांग्रेस महिला जिला उपाध्यक्ष अर्चना नागल, राजस्थान निर्माण मजदूर महासंघ प्रदेशाध्यक्ष शबनम बानो, रेखा सोलंकी, कौशल्या कच्छावा, लक्ष्मी गहलोत, बसंती भाटी, सुमन भाटी, आशा कच्छावा, रेणु सोलंकी, गुड्डू गहलोत, किसना सांखला, बसंती सुथार, उमा सांखला, तुलसी पंवार, संगीता पंवार, खुश्बू सांखला, योगिता सांखला, प्रियंका मोदी, मानसा, राखी रावत, वंदिता खुराना, विरजिंदर कौर, माया सोनी, चंचल सैन, रेखा चौधरी आदि महिलाओं की सहभागिता रही।










