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बसंत पंचमी के शुभ दिन से बाल संस्कार कक्षाओं का शुभारंभ
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मुझको नवल उत्थान दो
माँ सरस्वती! वरदान दो ।।
माँ शारदे । हंसासनी ।।
वागीश । वीणा वादिनी ।।
मुझको अगम स्वर ज्ञान दो ।।

प्राचीन काल में बसंत पंचमी सरस्वती पूजा के दिन बच्चों को संस्कार और शिक्षा का ज्ञान देना प्रारंभ किया जाता था।
प्राचीन धर्म-ग्रंथ और पुराण बसंत पंचमी के धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, देशभक्ति और प्राकृतिक महत्व से भरे हुए हैं ।
मीरा शाखा की अज्ञान के अंधकार से दूर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने की व बच्चों को संस्कार सिखाने की एक पहल , एक छोटा सा प्रयास ।
कल दिनांक 5 फरवरी 2022 को बसंत पंचमी के दिन बाल संस्कार कक्षा का शुभारंभ डॉ कपिला स्वामी बाल रोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में किया गया ।
देवी मॉं शारदा की वंदना व कापी किताबों की पूजा के बाद बच्चों का स्वागत तिलक मौली व मिश्री ,लड्डू के प्रसाद के साथ किया गया ।
मीरा शाखा द्वारा प्रत्येक रविवार को ये कक्षाएँ सुचारू रूप से लगायेंगे जिससे यह एक स्थायी प्रकल्प बनें। सरस्वती पूजन मैं शिक्षा कार्यक्रम में मीरा शाखा की संरक्षिका शशि चुग, अध्यक्ष दीप्ति वाहल, सचिव सुसन भाटिया , वित्त सचिव छवि गुप्ता, डॉ कपिला स्वामी , मंजू मित्तल, डॉ तपस्या चतुर्वेदी, सीमा शर्मा , विनीता भाटिया , ममता सुथार व डॉ दीपा खत्री आयोजन में उपस्थित रहे

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