
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी माता बहनों और युवतियों को हार्दिक शुभकामनाएं…..
महिलाओ को शिक्षा के पूरे अवसर दिए जाने चाहिए, अभी जो महिलाओं की विवाह उम्र 18 से 21 वर्ष सरकार द्वारा उठाए कदम से पूर्णतया सहमत !
आयु बढ़ने से महिलाओं की शिक्षा पूर्ण हो सकेगी!
महिलाओं को हर क्षेत्र में उनकी रूचि अनुसार अवसर प्रदान करने चाहिए, महिलाओं का जौहर हर युग में हमने देखा है ! झाँसी की रानी ने आजादी का बिगुल बजाया!
अहिल्या बाई, कल्पना चावला आदि अनेक नारियों ने आधुनिक भारत को सम्मान दिलाया! आज 21 वी सदी में नारी और सशक्त होनी चाहिए! एक नारी पूरे परिवार के लिए मार्गदर्शक हो सकती है! एक भी नारी अशिक्षित न रहे यही हमारा ध्येय होना चाहिए!
गीता अग्रवाल ( विवाह पूर्व नाम-गीता गुप्ता)
जन्म स्थान – बीकानेर
शिक्षा- एम.ए. (राजनीति शास्त्र) डूंगर कॉलेज,बीकानेर (राजस्थान विश्वविद्यालय,जयपुर द्वितीय स्थान प्राप्त)
बी .एससी.(जीव विज्ञान)
बी.एड .(बीकानेर में प्रथम स्थान प्राप्त)
अध्यापन अनुभव – शिक्षक भारतीय बाल विद्या मंदिर , बीकानेर ,
प्रवक्ता ( राजनीति शास्त्र ) , बी एम जी इंटर कालेज , चंदौसी ( उ.प्र )
संपादन – रंगीला टाइम्स ,चंदौसी (उ.प्र ) साप्ताहिक समाचार पत्र
सह संपादक – अग्र मंजूषा ( अग्रवाल मासिक पत्रिका हैदराबाद 1 वर्ष )
कई साझा संकलन छप चुके हैं, और कई आने वाले हैं!
जिसमें मुख्य दक्षिण समाचार पत्र, प्रतीक्षा 2021 में साहित्य सुरभि 30 कविताओं का संग्रह
आसमां दूर नहीं.. साझा संकलन, काव्य धारा प्रकाशन,हैदराबाद,तेलंगाना
अभी हाल ही में 26 जनवरी 2022 को राजन चौधरी साहित्य पुरस्कार दक्षिण समाचारपत्र एवं साहित्य सेवा समिति, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में गीता अग्रवाल को नकद धन राशि, पदक व स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए! नियमित रूप से पत्र पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन होता रहता है!
वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के तहत निरंतर समाज सेवा कार्य चलता रहता है!
वर्तमान में अग्रवाल समाज, गच्चीबावली शाखा, महिला विंग की अध्यक्ष पद पर समाज सेवा का उत्तरदायित्व निभा रही हैं!

21 वी सदी की नारी
21 वी सदी की नारी है तू ,
कभी किसी से न डरना
तेरे लिए हर मोड़ खुले हैं ,
चाहे जहां वहाँ पांव रखना,
सदियों से कन्या जन्म ने,
न जाने कितने दुख सहे थे,
आज भेदभाव की सोच बदली है,
नारी तू खूब पढ़ना,
हर क्षेत्र खुला तेरे लिए ,
अब नहीं हैं कोई बंदिशें ,
शिक्षक,चिकित्सक,वकील
पत्रकार चाहे फौजी बनना,
न रहमोकरम पर जीना अब तू
नारी तुझे आत्मनिर्भर बनना,
अपने स्वयं का ले आशीष,
गलत सही में फर्क़ समझना,
दुनिया को नई राह दिखाकर,
चाहे अंतरिक्ष की सैर करना,
मन मंदिर में ज्ञान दीप जलाकर
कुल का नाम रोशन करना,
21 वी सदी की नारी है तू ,
कभी किसी से न डरना
-गीता अग्रवाल, हैदराबाद
*बीकानेर लाइव.कॉम* तहे दिल से सलाम करता है और आज महिला दिवस पर आपको अनेकों शुभकामनाओं के साथ आपका दिन मंगलमय हो और आप स्वस्थ रहते हुए इसी प्रकार सेवा का जज्बा निरंतर बनाए रखें यही उम्मीद यही आशा………..















