
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी माता बहनों और नव युवतियों को आज की विशेष दिन की हार्दिक शुभकामनाएं
समाज के हर वर्ग को दिला रही नई पहचान- डॉ. अर्पिता गुप्ता|
5000 बच्चों को मिल रहा निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ |
शिक्षित होने की कोई उम्र सीमा नहीं, 70 साल की महिला को भी कर रही शिक्षित |
बीकानेर शहर की पहचान डॉ. अर्पिता गुप्ता अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति एवं मजबूत इरादों के साथ विगत 10-12 वर्षों से समाज के हर वर्ग,हर क्षेत्र के विकास एवं लोगो के छुपे हुनर को तराशने का निरंतर कार्य कर रही हैं|
डॉ. गुप्ता अपने निजी स्तर पर संचालित संस्थान के माध्यम से समाज के पिछड़े वर्ग की महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, प्रशिक्षण, उनके स्वावलंबन के साथ आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है| साथ ही झुग्गी झोपड़ियों एवं गरीब विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा, उनके स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे अध्ययन समाग्री, राशन, नेपकिन, कपड़े, जूते, चप्पल इत्यादि अपने स्तर पर मुहैया करा,हर संभव सहायता के लिए तैयार रहती है|
डॉ. गुप्ता बताती जब बस्ती मे महिलाओं को पढ़ाने जाते तो 50-70 वर्ष की महिलाये ज्यादा उत्साह के साथ पढ़ती और अपने परिवार को भी शिक्षा का महत्व समझाती |
कोरोना काल में विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन प्रशिक्षण, ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्य वर्धक कक्षाओं के माध्यम से उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, नागालैंड, राजस्थान इत्यादि देशभर से करीब 5000 से अधिक विद्यार्थियों के लिए मजबूत प्रेरणा बनी डॉ. अर्पिता गुप्ता|विभिन्न ऑनलाइन कक्षाओं द्वारा जहाँ बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित विषयों के साथ नृत्य, चित्रकला, क्राफ्ट, कैलीग्राफी इत्यादि की कक्षाएं दी वही महिलाओं को कागज़ व कपड़े के थैले, राखी, सिलाई, कढ़ाई, टाई एंड डाई, योगा, पार्लर के कार्य इत्यादि का मार्गदर्शन देकर स्वरोज़गार को प्रेरित कर उनके हुनर को पहचान दिलाने का अनूठा प्रयास किया |
डॉ गुप्ता को निजी स्तर पर निस्वार्थ भाव से किए सेवा कार्यों के लिए अनेक जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा गया है साथ ही देश के अनेक राज्यों पंजाब हरियाणा दिल्ली महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश कि सरकारी एवं सेवाभावी संस्थाओं के द्वारा भी सम्मानित किया गया है| उनके सामाजिक कार्यों के लिए टॉप 100 एशियाई विभूतियों में भारत से उनके नाम का चयन कर फिलिपिंस द्वारा भी सम्मानित किया गया हैं | हमेशा से ही डॉ. गुप्ता का यह मानना सेवा के लिए समर्थ होना आवश्यक नहीं आप अपना समय, विद्या, हुनर भी दूसरों के साथ सांझा कर उनको ख़ुशी दे सकते क्यूंकि जब भलाई करने हम निकलते तो रास्ता उनकी दुआएं अपने आप बना देती |















