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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष -परिस्थितियां हर समय आपके अनुकूल नहीं हो सकती बदलाव खुद को लाना है- पूनम अंकुर छाबड़ा
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

स्त्री यदि बहन है,
तो प्यार का दर्पण है |

स्त्री यदि पत्नी है,
तो खुद का समर्पण है |

स्त्री अगर भाभी है,
तो भावना का भंडार है |

स्त्री अगर साथी है,
तो सुख की सतत संभावना है |

और अंतिम पंक्ति……

स्त्री यदि “माँ” है,
तो साक्षात “परमात्मा” है।।

पूनम अंकुर छाबड़ा

पूनम अंकुर छाबड़ा एक राजनीतिक शख्सियत के साथ-साथ समाज के लिए एक ऐसे अभियान को लेकर आगे चल रही है जिसमें सबसे ज्यादा खुशी महिलाओं को ही होगी पूनम अंकुर छाबड़ा शराबबंदी के आंदोलन को लेकर पिछले कई वर्षों से लगातार संघर्ष में है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आपके इस आंदोलन या जनचेतना को सलाम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की आपको हार्दिक शुभकामनाएं

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