पतळी भाभी

पारीक चौक, बीकानेर
काल दोपहर मे गर्मी तो हाड गोडा तोड़े ही ले….देर ऐसी के आगे आराम करे हो तो लाईट ओर काट ली अब तो हालत जोरकी खराब होगी!
अचानक घर के दरवाजे पर भचीड़ बाज्या! मै दरवाजो खोल्यो तो तुफान ऐक्सप्रेस अंजु भाभी ही!
भाभी बोली संजय जी ई गरमी मे कांई करो हो ?
मै बोल्यो घटे जका पूरा करूं भाभी……थे आदेश करो कियां पधारया म्हारे आंगणिये?
भाभी बोली संजय जी थारी गाडी मे मने बाजार ले चालो नी भौत अमरजेन्सी काम है मै भी बिना ना बोले…… आ सोच्यो कोई जरूरी काम होवेलो तो भाभी ने बाजार लेग्यो! …….भाभी धोळे दोपाहरे एक लेडिज जिम(कसरत करण ने) मे गयी ओर एक घंटा तक मै गाडी मे बेठयो गरमी मरे हो!
……..एक घंटे बाद भाभी पसीनो पोछती आयी ओर बोली संजय जी मै कितिक पतळी लागुं ओ?
मै बोल्यो भाभी थे किसे जनम को बेर काढो म्हारे सागे?
मै सोच्यो कि थारे कोई जरूरी काम होवेलो बाजार मे जद थाने ल्यायो ओर थे अठे पतळा होवन ने आया हो ई गरमी मे?
भाभी बोली संजय जी थे भौत भोळा हो!…… लुगाई तो पतळी ही चौखी लागे ओर मेरो वजन बढतो जावे है जद मै जिम मे आयी हुं ओर आज मेरो पैलो दिन है थे बताओ नी डांवड़ा ……मै पतळी लागुं कांई?………. ओर मुंह के आगे हाथ दे कर हंसण लाग गी ओर मै म्हारो खुन बाळतो घरा आवण खातिर गाडी चलावे हो।।
????️ संजय कुमार जोशी
पारीक चौक, बीकानेर













