श्रीमती किरण देवी धर्मचद पुगलिया के लाल ने श्री डूंगरगढ़ को दी मानव सेवा के लिए नई नई सौगात। आमजन पुलकित। श्री डूंगरगढ़ बीकानेर।


गुरूदेव आचार्य श्री महाश्रमण शुभ आगमन से श्री डूंगरगढ़ में तीन दिवसीय 23 जून 2022 से उत्सव जैसा माहौल नजर आने लगा है सर्वत्र प्रसन्नता के भाव हैं। आज दिनांक 25 जून 2022 को किरण देवी धर्मचंद पुगलिया के लाल ने चिकित्सा सेवा मानव सेवा हेतु तेरापंथ भवन धोलिया नोहरा के सामने आचार्य श्री महाश्रमण जी के आशीर्वाद से अपनी स्वयं की भूमि पर आयुर्वेद चिकित्सालय एवं होम्योपैथिक चिकित्सालय बनाने बनाकर देने की घोषणा की। जिससे आमजन पर पुलकित है। धन्य है ऐसे माता-पिता जिन्होंने भीखमचंद जैसे लाल को पैदा किया है। धन्य है श्री डूंगरगढ़ वासी भीखमचद जी जिनकी कर्म भूमि कोलकाता है लेकिन अपनी जन्मभूमि से प्यार है। सदैव मानव कल्याण सेवा कार्यों में लगे रहते हैं धन्य है धर्म पत्नी सुशीला देवी पुगलिया जो साधु संतों की सेवा के साथ-साथ परोपकारी कार्यों में सदा अपने पति का सहयोग देती रहती है । आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सालय एवं चिकित्सीय आवास बनाने की घोषणा के समय आचार्य श्री महाश्रमण जी के सामने उपस्थित होकर भीखमचंद पुगलिया की माताजी एवं धर्म पत्नी सुशीला देवी पुगलिया ने वंदना की ।इस समय पंडाल में उपस्थित सभी साधु-संतों साध्वी जी के अलावा हजारों की संख्या में उपस्थित जैन समाज एवं अन्य समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त कर ओम अर्हम के उच्चारण के साथ पांडाल को गुंजायमान कर दिया ।
उल्लेखनीय है कि रेल सेवा संघर्ष समिति श्रीडूगरगढ के अध्यक्ष तोलाराम मारू ने बताया कि दिनांक तक 17 दिवसीय निशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर 15अकटूबर से 31 अक्टूबर 2021 लगाया गया ।जिसमें सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही। जिन्होंने असाध्य रोगों से मुक्ति पाई ।जैन समाज के अलावा श्री डूंगरगढ़ की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भीखम चंद जी पुगलिया को साधुवाद दिया और आभार प्रकट किया । जिन्होंने गेस जोड़ों के दर्द गठिया मधुमेह अनिद्रा जैसे लोगों से मुक्ति पाई।।वर्तमान में तेरापंथ भवन के अध्यक्ष भीखम चंद पुगलिया तथा मंत्री मालचंद सिंघी है। जो श्री डूंगरगढ़ का शानदार भवन है इसका सदुपयोग यहां की जनता द्वारा किया जा रहा है ।तुलसी सेवा संस्थान में लगातार 9 वर्षों से अध्यक्ष भीखम चंद पुगलिया हैं। जिनके जिनके अथक प्रयास से करोड़ों रुपए का धन संग्रह किया गया है। जो मानव सेवा के लिए इस संस्थान में लगेगा ।

















