
दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 करोड़ किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की किश्त के 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को संबोधित किया।
मोदी ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में जो किसानों को फायदा नहीं पहुंचने दे रहे, वे दिल्ली आकर किसानों की बात करते हैं। साथ ही कहा कि नए कानूनों के बाद किसान जहां चाहें और जहां सही दाम मिले, वहां अपनी उपज बेच सकते हैं।
मोदी की 1 घंटे 20 मिनट चर्चा की 10 अहम बातें
1. बंगाल के 70 लाख किसानों को लाभ नहीं मिलने का अफसोस
मोदी ने कहा कि आज देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधे, एक क्लिक पर 18 हज़ार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है।
2. बंगाल में 30 साल में किसानों के लिए आवाज नहीं उठाई गई
कई किसानों ने भारत सरकार को सीधी चिट्ठी लिखी है, लेकिन राज्य सरकार इसे अटकाकर बैठ गई है। जो लोग बंगाल में 30-30 साल तक राज करते थे, वे लोग बंगाल को कहां से कहां ले गए। उन लोगों ने किसानों को मिलने वाले 2 हजार रुपए के लिए आवाज नहीं उठाई और आंदोलन के लिए पंजाब चले गए। क्या देश की जनता को इस खेल का पता नहीं है। विपक्ष की जुबान इस पर क्यों बंद हो गई है।













