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नए संसद भवन पर लगा विशालकाय अशोक स्तंभ, PM मोदी ने पूजा अर्चना कर कियाअनावरण

20 फीट ऊंचाई, 9500 KG वजन…

नए संसद भवन का काम तेजी से जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद भवन के निर्माणकार्यों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने नए संसद भवन की छत पर लगे 20 फीट ऊंचा अशोक स्तंभ का अनावरण भी किया. इस दौरान उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद थे. बता दें कि आजतक से खास बातचीत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नए संसद भवन को लेकर काफी उत्साहित दिखे थे. उन्होंने बताया था कि अगला शीतकालीन सत्र नए संसद भवन में करवाने का लक्ष्य रखा गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के दौरान काम में जुटे श्रमिकों से बातचीत भी की और उनका हालचाल जाना. बताया जा रहा है कि जिस अशोक स्तंभ चिन्ह का पीएम मोदी ने अनावरण किया है. उसका वजन 9500 किलोग्राम है जो कांस्य से बनाया गया है. इसके सपोर्ट के लिए करीब 6500 किलोग्राम वजन वाले स्टील की एक सहायक संरचना का भी निर्माण किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नए संसद भवन की छत पर एक विशालकाय अशोक स्तंभ का अनावरण किया था. तस्वीरें इतनी भव्य रहीं कि लोगों के मन में अशोक स्तंभ को लेकर ही कई सवाल कौंधने लगे.

कोई भी राष्ट्रीय चिन्ह उस देश की संस्कृति और स्वतंत्र अस्तित्व का सबसे बड़ा प्रतीक होता है. पूरी दुनिया में भारत की पहचान सुनहरी परंपराओं वाले महान राष्ट्र के रूप में होती है. और इसमें अशोक स्तंभ की बहुत बड़ी भूमिका है. संवैधानिक रूप से भारत सरकार ने 26 जनवरी, 1950 को राष्ट्रीय चिन्ह के तौर पर अशोक स्तंभ को अपनाया था क्योंकि इसे शासन…संस्कृति और शांति का सबसे बड़ा प्रतीक माना गया था.

भारत वर्ष में मौर्य वंश के तीसरे राजा….सम्राट अशोक का शासन था. ये वो दौर था जब सम्राट अशोक को एक क्रूर शासक माना जाता था लेकिन कंलिंग युद्ध में हुए नरसंहार को देखकर सम्राट अशोक को बहुत आघात लगा और वो राजपाट त्यागकर बौद्ध धर्म की शरण में चले गये.बौद्ध धर्म के प्रचार में सम्राट अशोक ने देशभर में इसके प्रतीकों के रूप में चारों दिशाओं में गर्जना करते चार शेरों की आकृति वाले स्तंभ का निर्माण करवाया. शेरों को शामिल करने के पीछे ये प्रमाण मिलता है कि भगवान बुद्ध को सिंह का पर्याय माना जाता है…बुद्ध के सौ नामों में से शाक्य सिंह, नर सिंह नाम का उल्लेख मिलता है.

आम नागरिक अशोक स्तंभ का इस्तेमाल करता है तो उसे 2 वर्ष की कैद और 5000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. आमतौर पर ये माना जाता है… कि सरकारी कागज़ पर अशोक स्तंभ अंकित होना उस कागज़ का वज़न बढ़ा देता है ..ये संवैधानिक पद और संविधान की शक्ति को दर्शाता है.

संकलन मीडिया सूत्रों से…..

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