
आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए आयकर रिटर्न भरने की डेडलाइन को 10 जनवरी तक बढ़ाया है। ऐसे में आपने अगर अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर दें, क्योंकि अब डेडलाइन में कुछ ही दिन का समय बचा है। रिटर्न फाइल करते समय आपको सावधानी रखनी चाहिए। क्योंकि गलती होने पर आपको परेशानी सामना करना पड़ सकता है।
सही ITR फॉर्म चुनें
आयकर विभाग ने कई ITR फॉर्म निर्धारित किए हैं। आपको अपनी आय के साधन के आधार पर सावधानी से अपना तय ITR फॉर्म चुनना होगा, वरना आयकर विभाग इसे अस्वीकार कर देगा और आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 139(5) के तहत संशोधित विवरणी (रिवाइज्ड रिटर्न) दाखिल करने के लिए कहा जाएगा।
इनकम की सही जानकारी दें
हमेशा अपनी आय की सही जानकारी देनी चाहिए। अगर आप जानबूझकर या गलती से भी अपनी आय के सभी स्रोत नहीं बताते हैं तो आपको आयकर विभाग का नोटिस आ सकती है। बचत खाते के ब्याज और घर के रेंट से होने वाली आय जैसी जानकारियां भी देनी होती हैं। क्योंकि ये आय भी टैक्स के दायरे में आती हैं।
बैंक खातों की डिटेल न भरना
बहुत से लोग अपने सभी बैंक खातों की जानकारी नहीं देते, जिनसे उन्होंने उस वित्तीय वर्ष में लेन देन किया है। ऐसा करना गलत है, क्योंकि आयकर विभाग ने अपने अधिनियम में साफ तौर पर कहा है कि टैक्सपेयर्स को अपने नाम पर पंजीकृत सभी बैंक खातों की जानकारी देना जरूरी है।














