
पार्श्वचन्द्रगच्छ गच्छ का पर्युषण पर्व शुरू
जीवों का अभय दान दें-साध्वीश्री सुव्रताश्रीजी
बीकानेर, 25 अगस्त । जैन श्वेताम्बर पार्श्वचन्द्र सूरिश्वर गच्छ का पर्युषण पर्व के अनुष्ठान गुरुवार को आसानियों के चौक के रामपुरिया उपासरे में साध्वीश्री पद््म प्रभा, सुव्रताश्रीजी व मरुत प्रभाश्रीजी के सान्निध्य में शुरू हुए। अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, बेले, तेले, आयम्बिल,सामयिक आदि की साधना की तथा सामूहिक प्रतिक्रमण किया।
साध्वीश्री सुव्रताश्रीजी ने प्रवचन में कहा कि देवी-देवता भी नंदीश्वर में पर्युषण पर्व के अट््ठाई महोत्सव में समर्पित होकर साधना करते है। श्रावक-श्राविकाओं का धार्मिक, आध्यात्मिक व नैतिक दायित्व है कि वे लोकोतर पर्व पर्युषण में कषायों (अहंकार, काम,क्रोध, लोभ व मोह) का त्याग कर अधिकाधिक जप,तप,साधना,आराधना व प्रभु भक्ति करें। अहिंसा व जीव दया की भावना रखते हुए जीवों को अभय दान दें। मन, वचन व कर्म से किसी का बुरा नहीं करें, बुरा नहीं सोचे । दूसरों के प्रति मंगल भावना रखने वाले का स्वयं का मंगल होता है । उन्होंने कहा कि पांच अणुव्रत, 3 गुण व 4 शिक्षाव्रत की पालना करते हुए देव, गुरु व धर्म की निष्काम भाव से भक्ति करें। श्रीपार्श्वचन्द्र गच्छ सूरिश्वर संघ के मंत्री प्रताप रामपुरिया ने बताया कि श्रावक-श्राविकाओं के पर्युषण की साधना के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई है।














