
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मेधावी शिक्षकों को सार्वजनिक मान्यता प्रदान करता है. इस वर्ष पुरस्कार के लिए देश भर से 45 शिक्षकों का चयन तीन चरणों की एक कठोर और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर चयनित पुरस्कार विजेताओं को ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2022’ से सम्मानित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ पर ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2022’ के विजेताओं के साथ मुलाकात की. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, ‘शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाना और उनका सम्मान करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत से न केवल स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध किया है.’
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज जब देश आज़ादी के अमृतकाल के अपने विराट सपनों को साकार करने में जुट चुका है, तब शिक्षा के क्षेत्र में राधाकृष्णन जी के प्रयास हम सभी को प्रेरित करते हैं. इस अवसर पर मैं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त सभी शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. एक शिक्षक की भूमिका ही एक व्यक्ति को रोशनी दिखाने की होती है, वो सपने बोता है.’ पीएम मोदी ने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में टीचर्स का बहुत बड़ा रोल रहा है. लाखों की तादात में हमारे शिक्षकों ने इसे बनाने में अपना योगदान दिया है.
पीएम मोदी ने कहा, “एक शिक्षक की भूमिका एक व्यक्ति को प्रकाश दिखाना है और यह वही है जो सपनों को बोता है और उन्हें सपनों को संकल्प में बदलना सिखाता है”. प्रधानमंत्री ने कहा, 2047 के भारत का राज्य और भाग्य आज के छात्रों पर निर्भर है और उनके भविष्य को आज के शिक्षकों द्वारा आकार दिया जा रहा है. इसलिए आप छात्रों को उनके जीवन को आकार देने में मदद कर रहे हैं और रूपरेखा को भी रूप दे रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, जब एक शिक्षक छात्र के सपनों से जुड़ जाता है, तो उसका सम्मान और स्नेह पाने में उसे सफलता मिलती है.
यह शिक्षक दिवस बीकानेर के लिए भी विशेष रहा इस बार बीकानेर की शिक्षिका सुनीता का चयन भी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली शिक्षिकाओं में चयन हुआ
मीडिया सूत्रों से…..
















