

21 सितंबर बीकानेर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की 110 वीं जयंति पर गायत्री परिवार ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय जन्मोत्सव समारोह दीप-यज्ञ के साथ सम्पन्न हुआ।
गायत्री परिवार मुख्य ट्रस्टी पवन कुमार ओझा ने बताया कि गायत्री परिवार संस्थापक आचार्य जी का जन्म आगरा जनपद के आंवलखेड़ा में हुआ। बाल्यकाल से ही आध्यात्मिक झुकाव को देखते हुए पंडित मदन मोहन मालवीय ने श्रीराम को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी और गायत्री मंत्र के माध्यम से जनकल्याण करने का गुरुमंत्र प्रदान किया। गायत्री परिवार की स्थापना कर जन जन तक भारतीय संस्कृति की स्थापना की तथा तीन हजार से अधिक पुस्तकों का लेखन किया। युग जागृति अभियान, धरती पर स्वर्ग का अवतरण, हम बदलेंगे युग बदलेगा जैसे शत सूत्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया।
गायत्री परिवार जिला समन्वयक करनीदान चौधरी ने बताया कि जन्मोत्सव के प्रथम दिन अखंड जाप का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ पर प्रखर प्रज्ञा सजल श्रद्धा, गायत्री माता का विशेष श्रंगार किया गया। द्वितीय दिन पितृ ज्योति दीप-यज्ञ का आयोजन भीनासर स्थित रामदेव डालीबाई मंदिर में किया गया। दीप-यज्ञ का संचालन प्रमिला गंगल एवं ज्योति सोनी द्वारा किया गया। गायत्री परिजनों द्वारा विशेष आहुतियां प्रदान की गई। दीप-यज्ञ के उपरांत आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रमिला गंगल ने कहा कि देवत्व का विकास ही स्वर्ग है। हम सभी भुले भटके हुए देवता हैं। गायत्री मंत्र के माध्यम से सद्बुद्धि के विकास से ही देश व समाज का भविष्य उज्जवल बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर शोभा सारस्वत, ओमा भाटी, सविता गौड़, कमला पंवार, माया औझा, अनु मनमोहन भाटी, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन उपस्थित हुए ।
















