
26 सितंबर सोमवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। जो चार अक्टूबर तक चलेंगे। इस बार किसी भी तिथि का क्षय नहीं होने के कारण पूरे नौ नवरात्र होंगे। सोमवार को नवरात्र शुरू होने से मां भगवती गज पर सवार होकर धरा पर आएंगी।
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। ऐसे में इस दिन घर के पूजा मंदिर में उत्तर-पूर्व दिशा में करना शुभ रहता है। माता के लिए पूजा-चौकी पर कलश स्थापित करें। सबसे पहले कलश रखने वाले स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल रंग से स्वास्तिक बनाएं और उस पर कलश स्थापित करें।
कलश में आम, बरगद, गूलर, पीपल, पाकड़ के पल्लव रखें। इसके बाद कलश को जल या गंगाजल से भरें। कलश में एक सुपारी, कुछ सिक्के, दूर्वा, हल्दी की एक गांठ जरूर रखें। कलश के मुख पर एक नारियल लाल वस्त्र से लपेट कर रखें। संभव हो तो अक्षत से अष्टदल बनाकर उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
शुभ मुहूर्त
घटस्थापना : सुबह छह बजकर 17 मिनट से सात बजकर 55 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक













