
बीकानेर, 8 नवम्बर। बैदों के चौक के प्राचीन भगवान महावीरजी के मंदिर से मंगलवार को श्री जैन श्वेताम्बर महावीर स्वामी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में सकल श्रीसंघ के सहयोग से लगातार 259 वें वर्ष भगवान महावीर की सवारी निकली। जैन बहुल्य मोहल्लों में चांदी के सिंहासन में प्रतिष्ठित परमात्मा की प्रतिमा का जगह-जगह श्रद्धा भक्ति से वंदन किया गया। वहीं श्रावक-श्राविकाओं का राबड़िया, दाल का हलुवा, पकौड़ी, चाय, कचौरी आदि से सत्कार किया गया।
परमात्मा की सवारी में सबसे आगे इंद्र ध्वज, सजे-संवरे घोड़े, ऊंट, ऊंट गाड़ो बैठे बच्चे जैन धर्म के नारे लगा थे। नगाड़ा व ढोल तथा बैंड बाजों की पार्टियों नवंकार महामंत्र की धुन बजा रही थीं। ’’ जैन श्वेताम्बर धर्मो उत्सव’’ अंकित बैनर में ’’अहिंसा परमोःधर्म का संदेश दिया जा रहा था। भगवान महावीर की माता विशाला स्वप्न में दिखाई दी वस्तुएं, चांदी का कल्पवृक्ष, भगवान महावीर के जीवन आदर्शों से संबंधित चित्र ठेलों पर थे। परमात्मा को चांदी के फूलों की सजावट किए सिंहासन पर प्रतिष्ठित किया हुआ था। उनके आगे पंचरंगी जैन ध्वज था, गूगल के धूप से मार्ग की शुद्धि की जा रही थीं। वहीं श्रावक ’चंदन की चौकियां पुष्पन के दो हार, कूंकू भरियो बाटकों पूजो नैन कुमार’’, भगवान महावीर स्वामी की जय आदि का उद््घोष कर रहे थे।















