विवाह से पूर्व आयोजित हुए कार्यक्रम में सभी अतिथियों को तुलसी के पौधे देकर उनका स्वागत किया गया।
विदित रहे कि सुश्री नेहा पर्यावरण विज्ञान में स्नातकोत्तर है एवं महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी के हाल ही में हुए दीक्षांत समारोह में आपने माननीय कुलाधिपति महोदय महामहिम राज्यपाल के कर कमलों से स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रौशन किया था। वहीं दूसरी ओर विवाह की डोर में बंधने वाले आयुष्मान श्री गिरीश व्यास वर्तमान में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण विभाग में अभियंता के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विवाह बंधन में बंधने वाले वर वधू दोनों ने ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस मांगलिक अवसर पर हर घर में तुलसी का पवित्र पौधा पहुंचाने का निर्णय लिया। उनकी इच्छा व पर्यावरण के प्रति प्रेम देखकर उनके परिजनों ने आने वाले सभी मेहमानों को तुलसी पौधा उपलब्ध करवाने में अपनी सहमति जताई। इस मंगल कार्यक्रम उपस्थित हुए सभी मेहमानों को परिवार के सभी सदस्यों ने अपने हाथों से तुलसी पौधा भेंट किया व उनके संरक्षण की शपथ ली।
वर्तमान परिदृष्य में अगर देखा जाये तो वर वधु का यह प्रयास अत्यन्त ही सराहनीय रहा। तुलसीपत्र, जिसमें रोगों से लड़ने की क्षमता प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है, अगर सभी के घरों में स्थापित हो जाये, तो यह धार्मिक ही नहीं वरन् स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अति गुणकारी है। निश्चित ही इनके द्वारा किये गये इस नवाचार से अन्य लोगो को प्रेरणा मिलेगी व आने वाले समय में इसी प्रकार अन्य लोग भी मंगल कार्यक्रमों में इसी प्रकार की पहल कर समाज के लिये मिसाल कायम करेंगे।
















