
10 अप्रैल विश्व होम्योपैथी दिवस पर बीकानेर होम्योपैथिक एसोसियेशन की तरफ से गंगाशहर स्थित पुरानी लेन ओसवाल पंचायती सभागार में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ हैनिमैन का जन्मदिवस समारोह मनाया गया।
डॉ हैनिमैन जयन्ति समारोह के मुख्य अतिथि बीकानेर होम्योपैथिक एसोसियेशन के अध्यक्ष डॉ. एल.एन. शर्मा ने डॉ हैनिमैन की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया।
समारोह में डॉ एल.एन. शर्मा ने होम्यापैथिक चिकित्सा पद्धति के बारे में विस्तार से बताया, कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का भविष्य उज्जवल है होम्योपैथी को भारत ही नहीं पुरा विश्व स्वीकार करने लगा है। होम्योपैथिक पद्धति विश्वसनीय है. इसमें साईड इफैक्ट का कोई डर नहीं है। इसका असर हमेशा सकारात्मक होता है, होम्योपैथी बीमारी की जड़ो को खत्म करने में सक्षम है।
अध्यक्ष डॉ एल.एन. शर्मा ने अपने उद्दघोषण में बताया कि बीकानेर में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति श्रदा व विश्वास को देखते हुए आगामी समय में बीकानेर होम्योपैथिक एसोसियेशन द्वारा बीकानेर शहर में डॉ हैनिमैन के नाम पर चौराहा (सर्किल) स्थापित किया जायेगा।
इस अवसर पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डॉ एल.एन. शर्मा ने 85 रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श दिया तथा डॉ हैनिमैन की जीवनी के बारे में बताया।
समारोह में पवन छाजेड़, बच्छराज नाहटा, मुकेश सोनावत, जगदीश गहलोत आदि ने अपने विचार रखें। समारोह के समापन पर बीकानेर होम्यापैथिक एसोसियेशन की तरफ से समारोह में पधारे अतिथियों को धन्यवाद दिया तथा डॉ हैनिमैन जयंती की शुभकामनायें दी।
✍ प्रकाश सामसुखा















