
बीकानेर। वैवाहिक बंधन एक अवसर होता है जो अनुपम क्षण होता है। इस क्षण को बेहतरीन जीया जाए इसके लिए अनेक जतन किए जाते हैं। उत्साहभरा ऐसा ही एक उदाहरण बीकानेर युवक श्रवण जाट चाडी ने दिया है। एपेक्स हॉस्पिटल में डॉ. जयकिशन सुथार की टीम का अहम् हिस्सा माने जाने वाले नर्सिंग ऑफिसर श्रवण जाट का विवाह बज्जू तेजपुरा निवासी रामनारायण गोदारा

की सुपुत्री प्रमिला (जयश्री) से 18 अप्रेल को हुआ था। खास बात यह है कि मात्र एक रुपया नारियल में कन्यादान स्वीकार किया गया और दूल्हे राजा 7 ने किमी हाथी पर सवार होकर बारात लेकर पहुंचे। एकता नगर निवासी स्व. तिलाराम सियोल के पुत्र श्रवण जाट ने बताया कि जब वह 14 माह के थे तभी उनके पिताजी का निधन हो गया था। संघर्षभरा जीवन जीने वाले श्रवण जाट ने शुरू से ही सोचा था कि वह कभी कुरीतियों को नहीं अपनाएंगे और दहेज कभी नहीं लेंगे।















