




बीकानेर, 22 अप्रैल। भगवान महावीर की जयंती पर रविवार को उनके मंदिरों में पूजा, पक्षाल, प्रतिमाओं के विशेष अंगी व भक्ति संगीत के आयोजन हुए। देर रात चली भक्ति संध्याओं में कलाकारों, विभिन्न भजन मंडलियों ने भगवान महावीर सहित 24 तीर्थंकरों की वंदना भक्ति से की।
बैदों के चौक के छह शताब्दी प्राचीन महावीर जी मंदिर में उनके जन्म कल्याणक पर सामूहिक भक्तामर पाठ, पक्षाल एवं चंदन पूजा, शांति स्नात्र एवं शांति कलश, ध्वजारोहण, भगवान महावीर स्वामी की पंच कल्याणक पूजा, 108 दीपक की आरती व उसके बाद भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। बैदों का महावीरजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार बैद व सचिव भूपेन्द्र बैद ने बताया कि भक्ति संगीत संध्या में वीर मंडल, महावीर मंडल, कोचर मंडल, आदिश्वर मंडल, जैन मंडल आदि के श्रावक-श्राविकाओं ने ’’ वीर प्रभु स्वीकार करो प्रणाम मेरा, सब मिलकर गाते है गुणगार तेरा’’, ’’ वीर का सुमरनकरो, भगवान महावीर का सुमरन करो’ सहित अनेक भक्ति गीत प्रस्तुत किए।
मंदिर ट्रस्ट के सचिव भूपेन्द्र बैद के अनुसार दोपहर को हुई पंच कल्याणक पूजा सुश्रावक मनोज बैद व विचक्षण महिला मंडल ने भक्ति गीतों के साथ करवाई। स्वर्ण विलेपित भगवान महावीर स्वामी, सहस्त्रफणा पार्श्वनाथ, शंखेश्वर पार्श्वनाथ, शांतिनाथ, चन्द्र प्रभु, श्री मणिभद्रवीर व चक्रेश्वरी माता के मंदिर में ध्वजा चढ़ाई गई। ध्वजा चढ़ाने का लाभ बैद, सोनावत व भंडावत जैन सहित अनेक जैन श्वेताम्बर परिवारों ने लिया।
आसानियों के चौक के चौक के श्री पार्श्वचन्द्र जैन श्वेताम्बर गच्छ के भगवान महावीर स्वामी के मंदिर में साध्वीश्री पद्मप्रभा व सुव्रताश्रीजी के सान्निध्य में भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव व श्री अरिहंत जैन मंडल के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भक्ति भाव से परमात्मा का जन्म कल्याणक मनाया गया। परमात्मा की प्रतिमा पर चांदी की विशेष अंगी की गई तथा शांतिधारा अभिषेक किया गया। पार्श्वचन्द्र गच्छ संघ के अध्यक्ष रविन्द्र रामपुरिया व सचिव प्रताप रामपुरिया के अनुसार श्री अरिहंत जैन मंडल के कुलदीप सुराणा व संजय बोथरा के नेतृत्व में शांति धारा अभिषक के अनुष्ठान किया गया। औषधियुक्त जल एवं बीज मंत्रों के उच्चारण से शांति धारा अभिषेक सुश्रावक सौरभ राखेचा व वीरेन्द्र बांठिया पप्पाजी व सत्येन्द्र बैद ने विधि विधान से भक्ति गीतों के साथ अभिषेक करवाया। पार्श्वचन्द्र महिला मंडल की ओर से भी भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में भगवान महावीर जयंती पर रविवार को खरतरगच्छ ज्ञान वाटिका के बच्चों ने मुकीम बोथरा मोहल्ले की बोहरों की सेहरी (गली) में भक्तिगीतों के साथ सामूहिक स्नात्र पूजा की। शाम को भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ। मंदिर के मूलनायक भगवान महावीर स्वामी सहित सभी जिन प्रतिमाओं के विशेष अंगी की गई।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के सचिव चन्द्रसिंह पारख के नेतृत्व में रविवारीय पूजा के समन्वयक पवन खजांची व ज्ञानजी सेठिया, ज्ञान वाटिका की सुनीता नाहटा के नेतृत्व में बच्चों ने भगवान महावीर स्वामी सहित 24 तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक मनाया। शांति कलश स्थापित कर सबके मंगलमय जीवन की कामना की गई। मंदिर में अंगीरचना व 108 दीपकों की आरती की गई। भक्ति संगीत संध्या में कृणाल छाजेड़ व अरिहंत नाहटा तथा ज्ञान वाटिका के बच्चों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। पूजा में शामिल बच्चों का रूपचंद भंवर लाल खजांची, भीखम चंद नाहटा, ज्ञानजी सेठिया, सूरजमल पूगलिया, हनुमान दास, ललितजी सिपानी, हेमराज, मुकेश छाजेड़ व मेहरचंद, राजेन्द्र व पवन खजांची और हरी सिंह विमला देवी पारख परिवार की ओर से प्रभावना से सम्मानित किया गया।
-पुरानी जेल रोड पर स्थित दिगम्बर जैन नसियाजी के भगवान महावीर स्वामी के मंदिर पूजा व पक्षाल का हुआ। पूजा के बाद दिगम्बर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने भगवान महावीर के आदर्शों के तेल चित्र, रथ के साथ अहिंसा रैली निकाली । श्री दिगम्बर जैन प्रबंध समिति (ट्रस्ट) के सचिव धनेश जैन ने बताया कि रैली में शामिल श्रावक-श्राविकाओं ने जयकारा लगाते हुए भुजिया बाजार के महात्मा चौक स्थित दिगम्बर जैन समाज के मूल नायक भगवान पार्श्वनाथ व भगवान महावीर स्वामी के मंदिर दर्शन वंदन किया। डागा प्रोल के सामने के भगवान महावीर स्वामी के मंदिर में भी अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने पूजा की।















