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नहरी क्षेत्र में डिग्गी निर्माण के लिए किसानों को मिलेगा बढ़ा हुआ अनुदान, ट्यूबवेल क्षेत्र में भी जल हौज निर्माण के लिए मिलेगा डेढ़ लाख रुपए का अनुदान, लॉटरी व्यवस्था के स्थान पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा किसानों का चयन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोदारा ने मुख्यमंत्री से किया था योजना में बदलाव का अनुरोध

बीकानेर , 9 सितंबर । राज्य सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लेते हुए नहरी डिग्गी निर्माण के सामान्य और लघु सीमांत कृषक श्रेणी में दी जाने वाले अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। साथ ही डिग्गी, तारबंदी, फॉर्म पॉन्ड निर्माण आदि के संबंध में अनुदान हेतु किसानों का चयन लॉटरी व्यवस्था के स्थान पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किए जाने का निर्णय लिया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को इस संबंध में पत्र लिखकर अनुदान बढ़ाने का आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना / राज्य योजना के तहत अनुदान राशि सामान्य श्रेणी में 3 लाख से बढ़ाकर 4 लाख तथा सीमांत व लघु कृषक श्रेणी में 3 लाख 40000 से बढ़ाकर 4 लाख 50000 रुपए करने का निर्णय लिया है। अनुदान राशि बढ़ने से किसानों को महंगाई के कारण लागत बढ़ोतरी के कारण हो रही समस्याओं से काफी राहत मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ट्यूबवेल क्षेत्र में भी किसानों को डिग्गी या जल हौज निर्माण के लिए अनुदान राशि देना पुनः प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए किसानों को डेढ़ लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा डिग्गी निर्माण , फार्म पान्ड ,तारबंदी तथा कृषि यंत्रों इत्यादि पर अनुदान देने के लिए लॉटरी के स्थान पर अब पहले आओ पहले पाओ प्रणाली अपनाते हुए किसानों को राहत दी जाएगी।
गोदारा ने बताया कि किसानों के हित में यह निर्णय लिया गया है । इससे किसानों को अनुदान समय पर मिल सकेगा। इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदेश के किसानों के हित में अनुदान बढ़ाने के साथ-साथ लॉटरी व्यवस्था को बंद कर समय पर किसानों को लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
गोदारा ने कहा कि इससे पहले अनुदान प्रक्रिया के तहत लक्ष्य से डेढ़ गुना आवेदन प्राप्त होने के पश्चात रेंडमाइजेशन के आधार पर लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाता था इस पूरी प्रक्रिया में समय अधिक लगता था। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर योजना का लाभ मिलने से पात्र किसान को प्रक्रियागत देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा। क्षेत्र के किसानों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और मुख्यमंत्री का योजना में इस बदलाव के लिए आभार प्रकट किया।

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Prakash Samsukha

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