बीकानेर गंगानगर रोड़ स्थिति उर्मूल सर्कल से गंगानगर की ओर जाने वाले मार्ग पर राठौड़ ट्रेवल्स के ठीक सामने वेटरनरी की दिवार के ऊपर सुरक्षा की दृष्टि तार बंदी हेतु बने लोहे के पिलर से अपने ही गले मैबाँधने वाले काले गमछे से सडक की ऊंचाई से मात्र तीन फ़ीट की ऊंचाई मात्र पर फांसी खाकर अपनी यह लीला समाप्त कर ली मगर उसके पास प्राप्त एक काले पिट्ठू बैग मै कोई पहचान पत्र आदि से सम्भाधित कोई कागजात नहीं मिले सवेंदन शील बात यह हैं की लोग उसकी हर एंगल से फोटो जरूर खींच रहे थे मगर कम ऊंचाई होने के बाद कोई इंसान यह प्रयास नहीं कर रहा था शायद इतनी कम ऊंचाई से कोई कमजोर से कमजोर इंसान भी अगर उसे बचाने की कोशिश करता तो आसानी से बच सकता था,, इस लावारिस के फांसी पर टंगे होने की सुचना टीम सावधान इण्डिया 077के कैप्टन ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया को मिली उसी समय बीचवाल थाना पुलिस की आ गई तथा लावारिस सवों की नगर निगम के द्वारा दान मै दी गई खिदमत गार सोसाइटी की सव वाहिनी एक छोटी मारुती मै राजकुमार खादगावत के द्वारा ठाकुर भदौरिया ओर उनकी टीम ओर पुलिस के जवान के द्वारा स्ट्रेक्टर पर डाल कर पुलिस के साथ पी, बी, एम, ट्रॉमा सेंटर की ओपचारिकता निभा कर मुर्दा घर मै शिफ्ट कर दिया गया है,, ठाकुर भदौरिया ने बीचवाल थाना पुलिस सहित जिला प्रसाशन,सहित पुलिस के आलाधिकारि सहित पी, बी, एम,प्रसाशन को सूचितकिया गया है क़ानून के अनुसार 72 से 75 घंटे बीत जाने के बाद इस लावारिस का कोई परिजन नहीं आता है तो टीम सावधान इण्डिया 077की टीम इस मृतक का पूर्ण विधि विधान से चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाती, समुदाय का हो इस पवित्र देह का अंतिम संस्कार करेंगी,, भदौरिया के अनुभव के अनुसार यह व्यक्तिग घड़साना से लेकर सांगरिया, हनुमानगढ़,, सूरत गढ़ आदि क्षेत्र का घूमँतू जाती या मजहबी जाती के होने की सम्भावनासे भी इनकार नहीं किया जा सकता है













